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गौवंश को कृषि और किसान से जोड़ना की जरूरत: राजीव गुप्ता

वृन्दावन शोध संस्थान में आयोजित गौ कृषि सम्मेलन का दीप्रज्वलित कर शुभांरभ करते गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव गुप्ता, मेयर डाॅ. मुकेश आर्य बन्धू एवं अन्यगौवंश को कृषि और किसान से जोड़ना की जरूरत: राजीव गुप्ता

वृन्दावन शोध संस्थान में त्रिदिवसीय गौ कृषि सम्मेलन का हुआ आयोजन

वृंदावन। रमणरेती मार्ग स्थित वृंदावन शोध संस्थान में शनिवार को त्रिदिवसीय गौ कृषि सम्मेलन एवं प्रदर्शनी का आयोजन नित्यानन्द गौलोक धाम ट्रस्ट के बैनरतले  किया गया। जिसमें वक्ताओं द्वारा गौ संरक्षण एवं संवर्धन के साथ गाय की महत्वता पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव गुप्ता एवं मथुरा वृंदावन नगर निगम के मेयर डॉ. मुकेश आर्य बंधू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मेयर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने गाय की महत्वता बताते हुए कहा कि कहा कि गाय में सारे भगवानों का वास है। गाय के गोबर से लेकर मूत्र तक मनुष्य के लिए लाभकारी है भगवान श्री कृष्ण की प्यारी गायों की हम सभी को पूजा करनी चाहिए। कामधेनु ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. नरेश शर्मा ने कहा कि गाय भगवान की भी भगवान है उन्होनें कहा कि गाय के द्वारा मिलने वाले गोबर, मूत्र, दूध, घी की महत्वता को साइंस ने भी सिद्ध किया है। 

गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि आजादी के समय देश में 30 से 35 करोड़ गौवंश था लेकिन आज घटकर मात्र 10 से 12 करोड़ रह गया है। उन्होंने कहा कि गौवंश के संरक्षण व संवर्धन के लिए केंद्र व राज्य सरकार अनेक कल्याणकारी योजनाओं को संचालित कर रही है। साथ ही उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में गौशाला निर्माण के लिए योगी सरकार गौपालकों को अनुदान राशि भी दे रही है। जिले में गौशाला खोलने के लिए कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है। यह आवेदन पशु पालन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि गौवंश को कृषि और किसान से जोड़ने की मुहिम से ही गौ रक्षा एवं गौ संवर्धन संभव है इसी धारणा को मानते हुए योगी सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में अब 40 से 45 गौशालाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। जबकि पिछले कई वर्षाें से मात्र एक या दो गौशालाओं को ही वित्तीय सहायता दी जाती थी। उन्होंने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में पांच सौ गौशालाएं पंजीकृत हैं। इनके अलावा धार्मिक संस्थाओं द्वारा निजी स्तर पर भी गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है। लेकिन केवल गौशालाओं के संचालन से गौसंरक्षण एवं संवर्धन संभव नहीं है। इसके लिए हमें गौवंश को कृषि और किसान से जोड़ना होगा। नित्यानन्द गौलोक धाम के अध्यक्ष बाबा जुगल किशोर एवं पार्षद राधाकृष्ण पाठक ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर डॉ. नरेश शर्मा, मेयर डाॅ. मुकेश आर्य बन्धू, बाबा जुगल किशोर, इन्द्रेश जी के साथ किसान एवं संस्था के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

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