देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreकृपालु जी के आश्रम में हुआ दो हजार साधुओ का महाभोज
रँगीली महल में विधवा भोज आज
मथुरा। बरसाना कस्बे में देश व् दुनिया में राधा नाम का प्रचार प्रसार करने वाले जगद्गुरु कृपालु जी महाराज के गोलोकधाम में गमन के बाद भी उनकी संस्था दिन रोज सामाजिक सरोकारों में प्रतिभागी कर रही है। जिसके चलते रविवार को उनके निज आश्रम रँगीली महल में दो हजार साधुओ का भोज कराया गया। इस दौरान साधुओ को भोज के साथ दैनिक उपयोग की वस्तुए भी भेंट की गयी।
राधाकृष्ण के भक्तियोगवतार कहे जाने वाले जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की बेटियां आज भी अपने पिता जी की तरह सामाजिक कार्यो में सरोकार करती नजर आ रही है। विदित हो कि कृपालु जी महाराज ने युवा अवस्था से ही राधा नाम का प्रचार व् प्रसार करना शुरु कर दिया। वही विद्वता के बल पर कृपालु जी महाराज ने जगद्गुरु की उपाधी पा ली थी। लोगो को जीव माया व् भगवान का सार बताने वाले कृपालु जी का तीन बर्ष पहले ही गोलोक गमन हो गया था। जिसके बाद आज भी उनकी पुत्रिया अपने पिताश्री की तरह असहाय व् गरीबो की मदद करती आ रही है। रविवार को कस्बे के रँगीली महल आश्रम में दो हजार साधुओ का भोज कराया गया। जिसके चलते कृपालु जी महाराज के अनुयायी बड़े ही सेवा भाव के साथ साधु सन्तों को अंदर ले जा रहे थे तो वही कुछ अनुयायी उनके पैर धो रहे थे। महाभोज के दौरान कृपालु जी महाराज की पुत्रिया साधु सन्तों को दैनिक उपयोग की वस्तुए भेंट कर रही थी। इस दौरान पूरा रँगीली महल परिसर राधाकृष्ण के जयघोष से गुंजयमान हो रहा था। इस अवसर पर बोलती हुई डॉ. विशाखा त्रिपाठी ने कहाकि महाराजश्री का ब्रज व् ब्रजवासियो से आत्मीय लगाव था। महाराजश्री कहते थे की सामाजिक सरोकार से बड़ा कोई सरोकार नहीं है क्योंकि इस नाशवान संसार में जीव न कुछ लेकर आया है न कुछ लेकर जाएगा। अगर जीव कुछ लेकर जाएगा तो सिर्फ वो प्रेम है। जीवो की चैरासी लाख योनियो में मनुष्य योनि सबसे श्रेष्ठ है लेकिन माया के मकड़जाल में मनुष्य अपने आने का प्रयोजन भूल जाता है। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए रँगीली महल के सचिव नितिन गुप्ता ने बताया क्षेत्र के दो हजार साधुओ को भोज के साथ दैनिक उपयोग की वस्तुए भेंट की गयी। वही सोमवार को भी दो हजार विधवा महिलाओ का भोज के साथ उन्हें भी दैनिक उपयोग की वस्तुए भेंट की गयी। इस मौके पर कृपालु जी महाराज की पुत्रियां डॉ. विशाखा त्रिपाठी, श्यामा त्रिपाठी, कृष्णा त्रिपाठी, रँगीली महल के सचिव नितिन गुप्ता, रँगीली महल के प्रशासनिक अधिकारी अजय त्रिपाठी, हेमन्त गुप्ता, गुलेश्वर व् अरविन्द पटेल आदि मौजूद थे।













Related Items
उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में भगवान कृष्ण ने प्राप्त की थी शिक्षा !
गिरिराज तलहटी गोवर्धन के रामानंद आश्रम में शुरू हुआ रामानंदाचार्य जयंती महोत्सव
MATHURA : जयगुरुदेव आश्रम पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़