देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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जयपुर। "तुमने मेरे भाई को मारा, मैं तुम्हें जान से मार दूंगा" बस इतना बोला और कर दिया हमला। जी हां आप सोच रहे होंगे कि ये किसी फिल्म का डायलाॅग है। जानकर हैरानी होगी ये फिल्मी डायलाॅग नहीं बल्कि हकीकत है जो अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में देखने को मिली है।
कहने को तो अजमेर की हाई सिक्यूरिटी जेल हार्डकोर अपराधियों के लिहाज से सबसे सुरक्षित जेल मानी जाती है। इस जेल में हार्डकोर अपराधियों को कैद में रखा जाता है। लेकिन मंगलवार हुई एक घटना ने सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली इस हाई सिक्योरिटी जेल और यहां केे जेल प्रशासन पर ही बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
जानकर हैरानी होगी कि अजमेर की इस हाई सिक्योरिटी जेल में एक बदमाश कैदी ने एसओजी के एक इंस्पेक्टर पर हमला कर दिया। ये हमला भी किसी और ने नही बल्कि एनकांउटर में मारे गए कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल के भाई रूपेंद्रपाल उर्फ विक्की ने किया है। खास बात ये है कि विक्की ने ये हमला आनंदपाल का एकांउटर किए जाने पर तैश में आकर किया।
दरअसल, हुआ यूं कि एसओजी के इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद आनंदपाल के भाई विक्की को प्राॅडक्शन वांरट पर गिरफ्तार करने गए थे। इस दौरान सूर्यवीर सिंह जेलर के कमरे में दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षर कर रहे थे। इस बीच जेल प्रहरी आनंदपाल के भाई विक्की को जेलर के कमरे में लेकर आया। जैसे ही विक्की की नजर सूर्यवीर सिंह पर पड़ी तो वह आगोश में आ गया और चिल्लाते हुए सूर्यवीर सिंह पर टूट पड़ा।
इस दौरान आक्रोशित विक्की ने कुर्सी पर बैठे हुए सूर्यवीर सिंह को मुक्का जड़ते हुए हमला कर दिया। हमले में सूर्यवीर ने चश्मा पहना हुआ था जो टूट गया। इसके चलते सूर्यवीर के चेहरे और आँख पर चोट लग गई। यही नहीं, विक्की ने मुक्का मारनेे के बाद सूर्यवीर की गर्दन को पकड़ते हुए उनका सिर टेबल पर दे मारा। इस दौरान यहां खड़े हुए जेल सुरक्षा प्रहरियों ने उस पर काबू पाने की कोशिश की तो विक्की ने उनमें से एक सुरक्षा प्रहरी पर भी हमला कर दिया। हालांकि बाद में जेलर समेत सभी सुरक्षा प्रहरियों ने विक्की को दबोच लिया।
खास बात ये है कि जब विक्की ने इंस्पेक्टर सूर्यवीर पर हमला किया तो वह चिल्लाते हुए बोला, तुमने मेरे भाई को मारा मैं तुम्हें भी जान से मार दूंगा। हालांकि इस घटना के बाद पूरे हाई सिक्योरिटी जेल में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर आईजी मालिनी अग्रवाल, एसपी राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। घटना के बाद जेल प्रशासन ने अजमेर के सिविल लाइन थाना में आरोपी बदमाश विक्की उर्फ रूपेंद्रपाल के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
आपको बता दें कि जून में एसओजी ने चूरू जिले के मालासर गांव में घेराबंदी कर आनंदपाल का एनकाउंटर किया था। उस वक्त वह एक मकान में शरण लिए हुए था। पुलिस ने पहले हरियाणा से उसके भाई विक्की और रिश्तेदार को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर एसओजी योजना बनाते हुए फरार आंनदपाल का एनकांउटर किया था। एनकांउटर के दौरान एसओजी में इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह के हाथ में गोली लग गई थी। साभार-khaskhabar.com













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