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रेशम की पहचान के लिए विशेष जागरूकता अभियान

सागर तोमर वस्त्र डिजाइन फैकल्टी जागरूकता अभियान में भाग लेते छात्र-छात्राएं मथुरा। फेब्रिक डिजाइनिंग के क्षेत्र में आईआईएफटी इन्टरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलोजी मथुरा एक प्रतिष्ठित संस्थान है। यहाँ से पढ़कर छात्र बड़े बड़े उद्योगों में सेवारत हो जाते है। अतः यहाँ के छात्रों एवं शिक्षकों को सिल्क एवं सिल्क मार्क की जानकारी होना बहुत उपयोगी होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय सिल्क मार्क संगठन के वाराणसी चैप्टर द्वारा इन्टरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलोजी मथुरा के छात्रों के लिए सागर तोमर वस्त्र डिजाइन फैकल्टी की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय रेशम बोर्डए वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार वाराणसी के उप निदेशक यनिरीक्षणद्ध श्री रमेश चन्द्र ने पावर पोवाईंट प्रस्तुतीकरण एवं सिल्क मार्क पर डोकुमेंट्री फिल्म द्वारा विस्तार से सिल्क, सिल्क उत्पादन की विधि, जांच आदि पर प्रकाश डाला।
आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि कोई भी रेशमी वस्त्रों का व्यापार करने वाली संस्था, फर्म, व्यापारी, सहकारी समिति या व्यक्ति रुपये 110 के गैर कानूनी स्टाम्प पेपर पर करार व निर्धारित आवेदन फार्म पूरी तरह भर कर निर्धारित शुल्क के साथ जमा करके भारतीय रेशम मार्क संगठन के सदस्य व प्राधिकृत उपयोगकर्ता बन सकते हैं। वर्तमान में करीब 3600 सिल्क मार्क के प्राधिकृत उपयोगकर्ता हैं। कार्यक्रम की संयोजक संस्थान की इंटीरियल डिजाइन फैकल्टी सुश्री स्मृति मिश्रा जी थी। कार्यक्रम में लगभग 50 प्रशिक्षणार्थीयों के अलाबा संस्थान के अन्य फेकल्टीज श्रीमती हर्षलता मिश्रा, सुश्री सुरभि गोयल एवं सुश्री निधि गर्ग आदि भी उपस्थित रहे।

 

नारद संवाद

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