देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreआयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि कोई भी रेशमी वस्त्रों का व्यापार करने वाली संस्था, फर्म, व्यापारी, सहकारी समिति या व्यक्ति रुपये 110 के गैर कानूनी स्टाम्प पेपर पर करार व निर्धारित आवेदन फार्म पूरी तरह भर कर निर्धारित शुल्क के साथ जमा करके भारतीय रेशम मार्क संगठन के सदस्य व प्राधिकृत उपयोगकर्ता बन सकते हैं। वर्तमान में करीब 3600 सिल्क मार्क के प्राधिकृत उपयोगकर्ता हैं। कार्यक्रम की संयोजक संस्थान की इंटीरियल डिजाइन फैकल्टी सुश्री स्मृति मिश्रा जी थी। कार्यक्रम में लगभग 50 प्रशिक्षणार्थीयों के अलाबा संस्थान के अन्य फेकल्टीज श्रीमती हर्षलता मिश्रा, सुश्री सुरभि गोयल एवं सुश्री निधि गर्ग आदि भी उपस्थित रहे।













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