देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू ने अपनी फिल्मों ‘नाम शबाना’ और ‘पिंक’ के जरिए बड़े पर्दे पर प्रभावी महिला के रूप को पेश किया है और अब वह साल की सबसे सशक्त महिला पुरस्कार से नवाजी गई है। उन्हें सोमवार रात ‘सैवी’ पत्रिका ने इस सम्मान से सम्मानित किया।
अभिनेत्री ने अपने बयान में कहा, ‘‘यह हमेशा अच्छा और बढिय़ा लगता है, जब आपको न सिर्फ आपकी कला के लिए, बल्कि एक शख्स के रूप में आपके द्वारा किया गया चयन और जिसके लिए आप खड़े हैं, उसके लिए आपको पहचान मिलती है। ये पुरस्कार हासिल की गई उपलब्धियों में एक विशेष स्थान रखते हैं, क्योंकि ये आत्मविश्वास बढ़ाने और यह दर्शाने में सहायक होते हैं कि आप सही रास्ते पर हैं।’’ तापसी फिलहाल अपनी आगामी फिल्म ‘जुड़वा-2’ की रिलीज का इंतजार कर रही हैं।मुंबई में आयोजित एक इवेंट के दौरान तापसी पन्नू ने कहा कि फेमिनिजम यानी नारीवाद का मतलब यह नहीं है कि आप आरक्षण मांगे या दूसरे जेंडर पर दबाव बनाने के लिए एक्स्ट्रा अधिकार मांगे। बल्कि दोनों जेंडर्स को बराबरी पर लाने के प्रयास करें।बेबी और पिंक जैसी बॉलिवुड फिल्मों में पावरफुल रोल अदा करने वाली ऐक्ट्रेस तापसी पन्नू
ने कहा कि हमें बराबरी की शिक्षा देनी चाहिए, जहां आपको वह सब कहने और किसी विचार को व्यक्त करने का अधिकार हो जिसमें आप यकीन करते हैं।नारीवाद वे नहीं जो इसका नाम लेकर आरक्षण या कोई अलग अधिकार की डिमांड करे या फिर दूसरे जेंडर पर दबाव बनाए... ऐसा बिल्कुल नहीं, इसे फेमिनिज़म नहीं कहते। ये वे हैं जो लिंग समानता के ओर काम करे।
साभार-khaskhabar.com













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