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अंतिम कुश्ती हरिओम पहलवान ने बिना लड़े जीती
मथुरा। कुश्ती दंगल ब्रज क्षेत्र की पुरानी परम्परा है यहां पर भगवान श्रीकृष्ण और बलराम में भी कुश्ती दंगल लड़ा था लेकिन आज युवा पीढ़ी का ध्यान कुश्ती दंगल से हटता जा रहा है हमें चाहिए कि युवाओं को इस के लिए आकर्षित करें जिस से वह अपने क्षेत्र का नाम रोशन कर सके उक्त विचार ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु ने राया में आयोजित कुश्ती दंगल में व्यक्त किए।
स्वतंन्त्रता दिवस एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में मथुरा रोड गौगा मार्ग पर कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया जिसका शुभारम्भ ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमलकांत उमपन्यु ने दो पहलवानों का हाथ मिलवा कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पहलवान का जीवन त्याग और तपस्या जैसा होता है। यह ब्रज की पवित्र भूमि है यहां पर भगवान श्रीकृष्ण और उनके बड़े भाई दाऊजी महाराज ने भी कुश्ती दंगल लड़ा और उसी दंगल में अत्याचारी कंस का नाश किया था। उन्होनें कहा कि आज युवा पीढ़ी आधुनिकता की तरफ बढ़ रही है जिस से कुश्ती दंगल मल्ल विद्या से उनका ध्यान हटता जा रहा है। वहीं सरकार द्वारा भी पहलवानों की तरफ ध्यान नहीं दे रही है उन्होनें पहलवानों के लिए भत्ता और सुविधा देने की मांग की है। वहीं नगर पंचायत राया के पूर्व चेयरमैन राकेश शर्मा ने कहा कि यह ब्रज क्षेत्र का प्रसिद्ध कुश्ती दंगल है यहां पर दूरदराज से पहलवान आते है और विजेता पहलवानों को पुरूस्कार देकर सम्मानित किया जाता है। ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए जिससे प्रतिभाओं को उभरने का अवसर मिल सके। दंगल संयोजक केहरी सिंह पहलवान ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। कुश्ती दंगल में छोटे-बड़े पहलवानों दाव पेच दिखाकर लोगों को मुग्ध किया। आखिरी कुश्ती के विजेता हरिओम तिरवाया रहे। उनसे लडने कोई पहलवान सामने नहीं आया।
इस अवसर पर ब्रजकेसरी देवेन्द्र पहलवान प्रधान, पूर्व पंचायत अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा, पूर्व चेयरमैन कृष्णकांत अग्रवाल, पहलवान पप्पू प्रधान, आलोक शर्मा, अनिल, चैब सिंह, जवाहर सिंह, सौनू तौमर, हरीश शर्मा, मुकेश अग्रवाल, कायम कुरैशी आदि प्रमुख लोग उपस्थित थे।













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