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व्यापारी संगठन ने कराया विराट रसिया दंगल कार्यक्रम

सौंख। हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई हम भाई भाई चारो भाई मिलकर के देश को बचाओ, चंद्रशेखर और भगत सिंह ने हंस कै दी कुर्बानी। ये साधरण कपड़ा नही, तिरंगा भी बलिदानी है, दिख रही इस झंडे में झांसी वाली रानी। जिस पर बच्चा-बच्चा जान गवा दंे उसे तिरंगा कहते है।

देश के किसान बेचारे धरनों दे रहे और तुम बता रहे खलिस्तानी है। शरहत पर जो खड़ा लड़ाई लड़ने वो खून है किसान कौ। जाको खा रहे अन्न बायै दे रहे गाली है। ये रसिया कस्बा के मुख्य बाजार में व्यापारी संगठन के तत्वावधान में आयोजित विराट रसिया दंगल में कालाकारों द्वारा सुनाये गये।


कस्बा के व्यापारी संगठन द्वारा विराट रसिया दंगल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ चैकी प्रभारी राघवेंद्र सिंह, चंद्रपाल सिंह, व्यापारी नेता साकेत अग्रवाल चेयरमैन भरत सिंह, सर्राफा कमेटी अध्यक्ष रोहिताश्व वर्मा ने संयुक्त रूप से किया। मंच पर कलाकारों की मुंह दिखाई रस्म में मुकेश गर्ग व नीरू अग्रवाल ने भूमिका निभाई।

दंगल में रामवीर सिंह व करन शर्मा ने रसियों में राजनीति, किसान आंदोलन और देश भक्ति से जुडे़ रसिया का गायन किया। इस दौरान रसिया में आज पाकिस्तान खामोश है, चीन ताल ठोकना पावै गौ। पाकिस्तान की क्या चीन की कोई ताकत नही जो देश तरफ देख ना पावै।

दिल्ली वाले बंगाल चले गए, माना कि देश में बढ़ रही महगाई और असली किसान तिरंगे का अपमान नही कर सकता पर तुमने खूब थुकायौ, छः माह से फ्री को राशन लाॅकडाउन में खायौ। 2024 में फिर पीएम बनेयोगौ तेरो नरेंद्र मोदी तू नैक न रोक पावै। इस मौके पर कमेटी अध्यक्ष रवि कुमार गुप्ता, भानु अग्रवाल, बांके पंडित, सोनू अग्रवाल, योगेश लंबरदार आदि मौजूद रहे।
 

 

नारद संवाद

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