देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। मथुरा-गोकुल सहित सम्पूर्ण बृज मंडल में बुधवार नंदोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। इसका प्रमुख कार्यक्रम गोकुल स्थित नंदभवन में प्रातकाल से देखने को मिला। गोकुल में नंदबाबा के घर खूब बधाईयां गायी गई। बृजवासी और गोकुल के नर नारी बच्चे सभी नंदभवन में बधाई महोत्सव के लिये इकट्ठे हुये। दही, चंदन, केसर, हल्दी युक्त मिश्रण आने वाले श्रद्धालुओं पर उछाला गया। ‘नंद के आनन्द भयै जय कन्हैया लाल की’ के उदघोष पूरे मंदिर प्रांगण में गूंज रहे थे। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म परम्पराओं के मुताबिक भगवान के गोकुल में पहंुचने पर नंदबाबा के घर गोकुलवासियों ने पहंुचकर जो बधाईयां दी थी उसी परम्परा का निर्वाहन हजारों वर्ष से हो रहा है। आज भी इसकी अनूठी छटा गोकुल में साक्षात हुई। रंग-बिरंगे परिधानों में गोकुल की महिलाओं ने खुशी क मौके पर बधाई गायन के अलावा नृत्य भी किया। लाला की छींछी खूब फैंकी गई। नंदोत्सव पर तमाम प्रकार के उपहार, धन, दौलत, आभूषण, खिलौने बांटे गये। अपने आप में यह दृश्य भी देखने लायक था। गोकुल में इस मौके पर क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों के अलावा मंदिर के पुजारी मुखिया कर्ता-धर्ता सभी नंदोत्सव का आनन्द लेते देखे गये। भारत के कोने-कोने से आये तीर्थयात्रियों ने भगवान के गोकुल पहंुचने पर आयोजित होने वाले इस महोत्सव का दर्शन कर अपने को धन्य समझा। गोकुल के अलावा नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन, महावन, दाऊजी, मथुरा, वन्दावन सहित बृज के प्रमुख स्थलों मंदिरों में भी जहां नंदोत्सव मनाने की धूम रही वहीं सम्पूर्ण बृजमंडल में कृष्ण-कन्हैया के इस महोत्सव को घर-घर मनाया गया। सुबह मंदिरों में नंदबाबा के स्वरूप बनकर खेल-खिलौने उपहार बांटे गये। घरों में और मंदिरों में भी नंदोत्सव पर कढ़ी-चावल और अन्नकूट का प्रसाद बनाया गया। बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आज दूसरे दिन नंदोत्सव पर भी श्रद्धालुओं की मंदिरों में अच्छी खासी भीड़ रही है।













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