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देहात के बाद अब शहर में भी दो महिलाओं की कटी चोटी
मथुरा। जनपद में महिलाओं की चोटी काटने की घटनाओं को स्थानीय पुलिस को गंभीरता से लेना चाहिये। जनपद में अभी तक महिलाओं की चोटी काटने की करीब दो दर्जन से अधिक घटनाएं घटित हो चुकी हैं। जिसकी वजह से जहाॅ जनपद की महिलाओं में दशहत व्याप्त हैं। वहीं लोगों को आशंका है कि आगरा की तर्ज पर कहीं मथुरा में किसी महिला को चुडैल समझ कर मौत के घाट उतार दिया जाये। लोगों का कहना है कि जनपद पुलिस के अधिकारियों को जनपद में हो रही चोटी काटने की घटनाओं को गंभीरता से लेना चाहिये और जनपद में फैल रही दहशत का पर्दाफाश करना चाहिये। लोगो का कहना है कि इस वैज्ञानिक युग में भी महिलाओं की चोटी किसी चुडैल व भूतनी द्वारा काटा जाना हास्यप्रद लगता हैं। पुलिस व प्रशान के अधिकारियों को चाहिये कि जिन लोगों के साथ क्त घटनाए घटित हुई है उनसें गंभीरता से वार्ता कर इस तरह की घटनाओं का दूध का दूध पानी का पानी करना चाहिये। अन्यथा वह दिन दूर नहीं होगा कि जब आगरा की तर्ज पर मथुरा में भी लोग किसी महिलाओं को भूतनी व चुडैल समझ कर उसकी हत्या कर दें।
आज भी जनपद में करीब आधा दर्जन महिलजाओं की चोटी काटने की घटनाएं घटित हुई हैं। लोगों ने इन आशंकाओं के चलते घरों पर मेहन्दी व हल्थी के थापे रखकर किसी अनहोनी से बचने के प्रयास किये जा रहे हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि इस वैज्ञानिक व नई तकनीकि युग में भी लोग आखिर इस तरह की घटनाओं पर विश्वास करने को क्यों मजबूर हो रहे हैं। इसके पीछे के कारणों को पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को जानना होगा अन्यथा ऐसी अफवाह फैलाने वाले लोग अपने मकसद में कामयाब होते नजर आयेंगे और इस तरह की बातों पर जनता को विश्वास करने के लिए मजबूर करते रहेंगे। अब तक इस तरह की घटनाएं सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र में हो रही थी लेकिन अब यह घटना शहर के भैंस बहौरा व मंडी चैराहा के महेन्द्र नगर में महिलाओं की चोटी काटने की घटनाएं घटित हु













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