देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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पेइचिंग। डोकलाम में भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तीन दिन में दूसरी बार मंगलवार को कहा कि चीन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करेगा और उसकी सेना हर हमले को नाकाम करने के लिए आश्वस्त है। शी चिनपिंग ने पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की 90वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित विशेष आयोजन में मंगलवार को यह बात कहीं। उन्होंने कहा कि हम किसी भी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल को चीन के किसी भी हिस्से को देश से कभी भी, किसी भी रूप में अलग करने की इजाजत नहीं देंगे। शी ने कहा, चीनी जनता शांति प्रेमी है। हम कभी आक्रामकता दिखाने या अपने क्षेत्र का विस्तार करने की कोशिश नहीं करते, लेकिन हमें यह यकीन है कि हम हर किस्म के हमले को विफल कर सकते हैं।
ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा, किसी को भी हमसे यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि हम अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और विकास संबंधी हितों के लिए नुकसानदायक कड़वे फल को निगल जाएंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ली क्विंग, सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के अन्य शीर्ष नेता और सैन्य अधिकारी मौजूद थे। आपको बात दें कि तीन दिन में यह दूसरी बार है, जब चीनी राष्ट्रपति ने हमलों को विफल करने की पीएलए की क्षमताओं की बात की है। खास बात यह है कि चीनी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय पर दूसरी बार आई है, जब चीन और भारत के बीच सिक्किम सेक्टर में तनातनी जारी है।
इससे पहले रविवार को इनर मंगोलिया के झूरिहे में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के 90वां स्थापना दिवस पर एक मिलिट्री परेड को संबोधित करते हुए जिनपिंग ने कहा था कि चीनी सेना आक्रमणकारी शत्रुओं को हराने में सक्षम है। हम चाहते है कि दुनिया की सबसे बड़ी सेना और मजबूत हो ताकि वह वैश्विक शांति की रक्षा कर सके। 23 लाख जवानों वाली दुनिया की सबसे बड़ी सेना की कमान संभालने वाले चीनी राष्ट्रपति ने कहा, मुझे दृढ़ विश्वास है कि हमारी शानदार सेना के पास किसी भी आक्रमणकारी शत्रु को मात देने का आत्मविश्वास भी है और क्षमता भी।
मिलिट्री परेड के दौरान जिनपिंग ने कहा चीन की सेना किसी भी युद्ध के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, हमारी सेना के पास एक मजबूत सैन्य शक्ति बनने, एक महान राष्ट्र के रूप में कायाकल्प करने के चीन के सपने को साकार करने तथा विश्व में शांति की रक्षा करने का आत्मविश्वास और काबिलियत है। जिनपिंग ने इस दौरान खुली जीप में चीन के सबसे बड़े सैन्य अड्डे का निरीक्षण किया और कहा कि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी और चीन की जनता को चीनी सेना पर गर्व है।
आपको बता दें कि इसी साल जून में भारतीय जवानों ने डोकलाम में चीनी सैनिकों को सडक़ निर्माण करने से रोक दिया था। डोकलाम पर भूटान भी अपना क्षेत्राधिकार जताता रहा है। उसके बाद से ही इलाके में दोनों सेनाओं के बीच तकरार की स्थिति है। चीन इस बीच लगातार भारत से अपने जवानों को हटाने के लिए कहता रहा है और ऐसा न करने पर सैन्य भिड़ंत की धमकी भी देता रहा है।
साभार-khaskhabar.com













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