देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा। न्यायालय द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रदद होने के बाद से आन्दोलन कर रहे शिक्षामित्रों का गुस्सा सोमवार और उग्र हो गया। गुस्साएं शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर अर्धनग्ग्न होकर सरकार के विरूद्व नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
नौकरी से निकाल जाने के बाद शिक्षामित्रों का कहना था कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपील की है कि वह पाठयकार्य करते रहे लेकिन वह यह बताये कि वह बिना वेतन के आखिर किस जगह कार्य करे। एक ओर जहाॅ उन्हें शिक्षक पद से हटा दिया गया है दूसरी ओर शिक्षामित्रों के लिए अभी तक जनपद में कोई आदेश में नहीं है तो आखिर वह किस जगह पढाये जाने और बिना वेतन के कब तक जाये। शिक्षामित्रों ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार शिक्षामित्रो को केवल गुमराह कर रही हैं। न्यायालय द्वारा आदेश दिये सप्ताह भर हो गया लेकिन प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के हित में अभी तक कोई विचार भी नहीं किया। तो फिर यह शिक्षामित्र जाये तो कहा जाये। शिक्षामित्रों सघर्ष समिति ने अपनी माॅगों को दोंहराते हुए कहा कि राज्य सरकार अविलम्ब इस मामलें में पुर्नविचार याचिका दाखिल करें तथा याचिका का निर्णय आने तक सभी समायोजित शिक्षामित्रों को वेतन आदि की सुविधाए दी जाये। इस दौरान राजकुमार चैधरी, केजरी सिंह, बबीता सिंह, सविता रावत, रवीन्द्र सिंह, विनोद कुमार, प्रहलाद सिंह, सतीश सैनी, अनीता कुमारी, अन्जू, मंन्जू, सीता, रेखा, ओमवती, गीतादेवी, पूनम, सहित सैकड़ों शिक्षामित्र उपस्थित रहे।













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