देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreवैदिक परम्पराओं के पालन से ही वैदिक सनातन धर्म की रक्षा होती है: गोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर
मथुरा। शुक्रवार श्रावणी पर्व के अवसर पर श्रीगोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर पुरूषोत्तम लाल महाराज के सान्निध्य में श्रीगोपाल वैष्णव पीठ गोपाल मंदिर में श्रावणी उपाकर्म महाराज की अध्यक्षता में प्रारम्भ हुआ। श्रीगोपाल पीठ के सभी आचार्य, भक्त सेवकों ने इस पर्व सामूहिक उपाकर्म किया। उपाकर्म का अर्थ है जो भी गुरू के द्वारा विद्या प्राप्त की है उसे गुरू को निवेदन करना एवं नवीन विधा की शिक्षा प्राप्त करना इसके अंगीभूत, दसविध तीर्थ पर स्नान, ऋषि तर्पण, देव तर्पण, पितृ तर्पण करना, एवं ज्ञात अज्ञात जो भी अपराध हुये हो। प्रायश्चित संकल्प द्वारा उनकी समाप्त करना यही इस कर्म का मुख्य उद्देश्य है। इस कर्म के द्वारा ब्राह्मणों की पूर्ण शुद्धि होती है। आज सर्वप्रथम गोपाल मंदिर प्रांगण में होम यज्ञ किया गया तत्पश्चात् श्रृंगार घाट पर तीर्थ स्नान एवं गोपाल मंदिर में उत्र्सजन, उपाकर्म यज्ञ के द्वारा यह सम्पूर्ण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, यज्ञाचार्य के रूप में, श्रीआचार्य कुंज किशोर महाराज, आचार्य आत्माराम शास्त्री, यदुनन्दन लाला बाबा, मकरन्द छोटू बाबा, पीयूष बाबा, माधव शास्त्री, वासुदेव शास्त्री, आचार्य देवदत्त देवो पंडित, रामदास चतुर्वेदी, धीरेन्द्र शास्त्री, भोला पंडित आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।













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