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विजय दिवस: कारगिल युद्ध की कहानी, वीर जवानों ने ऐसे खदेडा था दुश्मनों को

विजय दिवस: कारगिल युद्ध की कहानी, वीर जवानों ने ऐसे खदेडा था दुश्मनों कोनई दिल्ली। आज कारगिल विजय दिवस है। आज कारगिल विजय दिवस को 18 वर्ष पूरे हो गए हैं। आज ही के दिन भारतीय सेना ने 26 जुलाई 1999 को कारगिल में तिरंगा फहराया था। भारतवासी उन जवानों को नमन कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी शहादत देकर विपरीत परिस्थितियों में भी दुश्मनों को अपनी जमीन से खदेडा। कारगिल में हुई भीषण लडाई की यादें आज भी इस जंग के हिस्सा रहे सैनिकों के जहन में ताजा हैं। हर तरफ गोलियों की बौछार हो रही थी और हमारे जवान पूरे जोश के साथ दुश्मन को मुंहतोड जवाब देकर उन्हें भारत की सरजमीं से खदेड रहे थे। 

पाकिस्तान ने की थी भारत की सरजमीं पर कब्जे की कोशिश:

पाकिस्तानी सेना ने कश्मीरी उग्रवादियों के साथ मिलकर वर्ष 1999 में कारगिल में नियंत्रण रेखा पार कर भारत की सरजमीं पर अपना कब्जा करने की कोशिश की थी। लेकिन भारतीय सेना के वीर जवानों ने दुश्मन के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया और उनको भारत की सरजमीं से वापस खदेड दिया। भारत और पाकिस्तान के बीच तीन माह तक मई से लेकर जुलाई तक युद्ध चला। 26 जुलाई को भारत ने इस युद्ध में विजय हासिल हुई। लेकिन जीत के साथ इस युद्ध में देश के सैकडों जवान के शहीद होने का दर्द भी शामिल था। तब से हर साल 26 जुलाई के दिन कारगिल शहीदों को नमन कर पूरे देश में इस दिन को कारगिल विजय दिवस के रूप में याद किया जाता है और शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

 

भारतीय सेना के जवानों ने मारे थे दुश्मन के तीन हजार सैनिक:

इस युद्ध में भारतीय सेना के वीर जवानों ने पाकिस्तानी सेना के तीन हजार जवानों को मार गिराया था। हांलांकि पाकिस्तान ने इससे इंकार करते हुए कहा था कि इस युद्ध में उनके 357 सैनिक ही मारे गए। इस युद्ध में सरजमीं की रक्षा के लिए भारतीय जवानों ने भी अपनी शहादत दी थी। इस युद्ध में भारतीय सेना के करीब 527 जवान शहीद हुए जबकि करीब 1363 घायल हुए थे। 

साभार-khaskhabar.com 

 

नारद संवाद

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