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कोतवाली पुलिस की करतूत

लूट की घटना को चोरी मे तब्दील कर आरोपी को किया था कोर्ट मे पेशमजिस्ट्रेट ने सीलबंद रकम को खुलावा कर गिनाया तो खुली करतूत

पुलिस की करतूस से हैरान अदालत ने कहा क्यों नही की जाए 409 की कार्रवाई

मथुरा। थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित आर्य समाज रोड़ से बुक एजेंसी संचालक से साढे चार लाख की लूट के मामले को पुलिस ने गुपचुप तरीके से एक युवक को पकड़ कर घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस ने पूरी कसरत करते हुए लूट की घटना का रूख मोड़ते हुए उसे चोरी मे ही बदल दिया तो वहीं एक युवक को पकड़ कर उसे चोर सिद्ध करते हुए उसके पास से पचास हजार की नगदी तो बरामद दिखा दी लेकिन जिस समय आरोपी को अदालत मे पेश किया गया और बरामद राषि मे घपला करते हुए अदालत के समक्ष रखा गया। अदालत को सील की गई धनराषि कम दिखी तो बरामद नगदी की सील को कोतवाली प्रभारी के सामने ही मजिस्ट्रेट ने खोल दिया। अदालत मे बरामद राषि पचास हजार दिखायी गई और सील खोलने पर उसके अंदर से महज 16 हजार पांच सौ रूपए मिलने पर मजिस्ट्रेट का माथा ठनक गया। अदालत ने कोतवाली प्रभारी को कई घंटो तक एक प्रकार से हिरासत मे रखा लेकिन जब कोतवाली प्रभारी अपनी गलती को मानते हुए नतमस्तक हो गए तो विद्धान न्यायाधीष ने उन्हें चेतावनी देते हुए छोड़ तो दिया लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तुरंत ही एसएसपी को पत्र लिखकर भेज दिया गया। वहीं कोतवाली प्रभारी ने अदालत मे बाकि की नगदी का इंतजाम करते पूरे पचास हजार रूपए जमा कर दिए। इस संबध मे जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वप्लिन ममगाई से जानकारी की गई तो उन्होने बताया कि उनके संज्ञान अभी यह मामला नही आया है,वह मामले की पूरी जानकारी करने के बाद ही कुछ बता सकेंगे। 

 

बतातें चलें कि विगत शुक्रवार को गुप्ता बुक एजेंसी के संचालक दिनेष गुप्ता निवासी कृष्णापुरी थाना सदर बाजार अपनी दुकान का ताला खोल रहे थे। उसी दौरान साढ़े चार लाख की नगदी से भरे थैला को लेकर एक युवक फरार हो गया था। घटना की रिपोर्ट पीड़ित ने धारा 392 आईपीसी मे दर्ज की थी। इसके बाद नवागत एसएसपी के चार्ज संभालने से पहले अपने नंबर बढाने के लिए कोतवाली प्रभारी डीएन मिश्रा ने महाविद्या कालोनी थाना गोविंद नगर निवासी रवि वर्मा उर्फ कन्हा वर्मा उर्फ रवि बचकाना पुत्र महेष वर्मा को केआर कालेज मोड़ से गिरफ्तार दिखाते हुए बुक एजेंसी संचालक के साथ हुई लूट के मामले का खुलासा करते हुए पचास हजार की नगदी बरामद दिखायी थी। इस कारनामे के साथ ही कोतवाली प्रभारी ने लूट की घटना को चोरी मे तब्दील करते हुए पकड़े गए आरोपी युवक के कुछ साथियों को फरार दिखाया था। सूत्रों के अनुसार विगत रविवार को कोतवाली प्रभारी डीएन मिश्रा ने पकड़े गए आरोपी रवि बचकाना को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत मे पेष करते हुए उसके पास से बरामद दिखायी गई पचास हजार की नगदी को सील करके पेष किया गया था। कोतवाली प्रभारी ने पकड़े गए आरोपी के खिलाफ अदालत से रिमांड मांगी तो न्यायाधीष की नजर सील गई बरामद धनराषि पर गई। अदालत ने कोतवाली प्रभारी से पूछा कि पकड़े गए आरोपी के पास कितने रूपए बरामद हुए हैं तो कोतवाली प्रभारी ने पचास हजार की नगदी बरामद होना बताया लेकिन न्यायाधीष को सीलबंद नगदी कम महसूस हुई तो उन्होने कई दफा कोतवाली प्रभारी से कहा सीलबंद रकम पूरी पचास हजार है। अदालत के पूछने पर कोतवाली प्रभारी सील की गई रकम को पचास हजार बताते रहे। इसके बाद न्यायाधीन ने धनराषि की सील अपने समक्ष खुलवाते हुए बरामद नगदी की गिनती करायी तो उसके अंदर से 16 हजार पांच सौ रूपए मिले। विष्वसनीय सूत्रों के अनुसार कोतवाली प्रभारी की कारगुजारी पर अदालत खासी नाराज हो गई और कोतवाली प्रभारी के खिलाफ धारा 409 मे कार्रवाई करने की चेतावनी देते हुए अदालत मे बिठा लिया। अदालत ने कहा कि आरोपी से पचास हजार की रकम बरामद होने की पत्रावली पेश की गई,जबकि उसके अंदर से 33 हजार पांच सौ रूपए कम निकले। अदालत ने जब कोतवाली पुलिस की कारगुजारी को पकड़ते हुए अदालत को गुमराह करने पर कोतवाली प्रभारी को जेल भेजने की बात तक कह डाली। इसे सुनते हुई कोतवाली प्रभारी नतमस्तक हो गए। इसके बाद अदालत ने कोतवाली प्रभारी की कारगुजारी का जिक्र करते हुए एक पत्र एसएसपी को लिखकर उसी समय भेज दिया। सूत्रों के अनुसार अदालत ने एसएसपी को सीधे तौर पर लिखा है कि कोतवाली प्रभारी डीनए मिश्रा ने मुकदमे की रकम मे से 33 हजार 5 सौ रूपए कम कोर्ट मे दाखिल किए है। इनके खिलाफ कार्रवाई किया जाना आवष्यक है। अदालत का पत्र एसएसपी के पास पहुंच गया है। एसएसपी कार्यालय से इस मामले की जांच करने के लिए अदालत के पत्र को सीओ सिटी के पास भेज दिया गया है।      

नारद संवाद

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