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नई दिल्ली। देशभर में गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स यानी जीएसटी देशभर में लागू हो गया है। रात के ठीक 12 बजते ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साथ बटन दबाकर पूरे देश में एक टैक्स व्यवस्था की शुरुआत की। इस लॉन्चिंग के साथ ही देश में एक समान अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू हो गई। जीएसटी लागू होने के मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज मौजूद रहे। जीएसटी लागू होने के बाद देशभर में जश्न का माहौल है। दिल्ली, यूपी, गुजरात सहित कई राज्यों में जीएसटी लागू होते ही जश्न मनाया गया। जीएसटी लागू होने के साथ ही लोगों ने फटाखे फोड़े और ढोल नगाडों की धुन पर डांस करके जमकर जश्न मनाया।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि ऐतिहासिक क्षण दिसंबर, 2002 में शुरू हुई लंबी यात्रा की परिणति है। प्रणब मुखर्जी ने जीएसटी को देश भर के तमाम राज्यों की सरकारों के बीच सहमति और देश हित के लिए सबके साथ आने का प्रतीक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह एक लंबी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस पर सालोंसाल चर्चा हुई है। मौजूदा और पूर्व के सांसदों ने इस पर लगातार बात की है। इस सतत प्रयास का ही परिणाम है कि हम आज जीएसटी को साकार होते देख रहे हैं। जब संविधान बना तो देश के लिए समान अधिकार और समान अवसर की व्यवस्था खड़ी हुई। आज जीएसटी एक तरह से सभी राज्यों के मोतियों को एक धागे में पिरोने का काम कर रहा है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी को देश के सभी लोगों की साझी विरासत करार दिया। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह किसी एक दल या सरकार की सिद्धि नहीं है। यह हम सभी के प्रयासों का नतीजा है। जीएसटी सहकारी संघीय ढांचे की एक मिसाल है। जीएसटी इस बात का प्रतीक का है कि टीम इंडिया की एकजुटता का क्या परिणाम हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी की भी या कहीं की भी सरकार हो, लेकिन सभी ने जीएसटी में आम लोगों के हितों का ध्यान रखा है। पीएम मोदी ने कहा कि जिन-जिन लोगों ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, मैं उन सभी को बधाई देता हूं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले आज तक काउंसिल की 18वीं बैंठकें हुईं। मोदी ने कहा कि गीता के भी 18 अध्याय थे और जीएसटी काउंसिल की भी 18 बैठकें हुई हैं। मोदी ने जीएसटी को गुड एंड सिंपल टैक्स बताया। उन्होंने कहा कि गुड इसलिए क्योंकि टैक्स पर टैक्स से लोगों को मुक्ति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था को लेकर तमाम आशंकाएं थीं, लेकिन इसे तमाम प्रयासों के बाद लागू किया जा सका है। चाणक्य का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कोई वस्तु कितनी ही दूर हो या कठिन हो, लेकिन तपस्या के जरिए उसे पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के वक्त सरदार पटेल ने जिस तरह 500 से ज्यादा रियासतों को मिलाकर एक किया था, उसी तरह जीएसटी के जरिए देश का एकीकरण हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि देश के 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों के 500 से ज्यादा टैक्सों का विलय हो जाएगा। अब गंगा नगर से ईटानगर एक टैक्स, एक देश का नारा गूंजेगा। अरुण जेटली ने कहा कि हम गौरवशाली देश के ऐतिहासिक मौके पर उपस्थित हैं। इससे भारत के सामने असीम संभावनाओं के द्वार खुलेंगे और उसे अपनी इकॉनमी को मजबूत करने का मौका मिलेगा। इससे भारत एक मार्केट-एक देश के तौर पर उभरेगा। इससे देश के सभी राज्य संघीय ढांचे के तहत एक साथ आगे बढ़ सकेंगे। हमने इसे ऐसे समय में किया है, जब दुनिया धीमी ग्रोथ और संरक्षणवाद के दौर से गुजर रही है। अरुण जेटली ने कहा कि इस लॉन्चिंग के साथ ही देश में 17 से ज्यादा टैक्सों की जगह सिर्फ एक ही टैक्स ले लेगा।
साभार-khaskhabar.com













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