देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा । प्रदेश सरकार द्वारा मथुरा-वृन्दावन को मिलाकर नगर निगम बनाये जाने के विरोध में सन्त समाज व राजनैतिक दलों के बाद अब विधवा आश्रम में रह रही विधवाओं ने वृन्दावन के चुंगी चैराहा पर एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रकट किया। इस अवसर पर विधवा महिलाओं के अनुसार वृन्दावन को मथुरा निगम में शामिल किये जाने से वृन्दावन का अस्तित्व समाप्त हो जायेगा। जिसे वह किसी कीमत पर होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ नेता अपने स्वार्थ सिद्धी के चलते वृन्दावन और मथुरा को मिलाकर नगर निगम बनवाना चाह रहे हैं, लेकिन हम उनके मंसूबो को किसी भी कीमत पर पूरे नहीं होने देंगे। अगर जिला प्रशासन ने उनकी अवाज को नहीं सुनीं, तो वह लखनऊ तक जाकर प्रदर्शन करेगी। इस पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शन कर रही विधवा महिलाओं को समझा बुझाया और उनका ज्ञापन लेकर उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
विधवा वृद्धाओं ने सोमवार की सुबह रंगजी मंदिर के सामने इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं में शामिल मधु दासी ने नगर निगम से क्या दिक्कत है के जवाब में कहा कि निगम बनने के बाद छोटी-छोटी जरूरतों के लिए मथुरा तक भागना पड़ेगा। आज भी उन्हें पूरी सहूलियत नहीं मिल पा रही है। वृंदावनी दासी ने कहा कि हम अपने घर परिवार को छोड़कर इसलिए आते हैं कि वृंदावन की पवित्र भूमि की सीमा में हमारी देह मिल जाए। मगर, जब सीमा क्षेत्र ही बढ़ जाएगा, तो न तो इसका कोई महत्व रहेगा और न ही यहां आने वाले लोगों की मुक्ति की सीमा तय रह सकेगी। प्रदर्शन करने वाली वृद्धाओं में रमा दासी, रतन दासी, ब्रजलता दासी, राधा दासी, मधु दासी, राधा घोष, गीता बनर्जी, कृष्णप्रिया चटर्जी, देवकी दासी, नंदा घोष, रानी घोष आदि शामिल थीं।













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