देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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इस्लामाबाद । कश्मीर मुद्दे और भारतीय नागरिक पूर्व नौसेनाकर्मी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में जासूसी के आरोपों में फांसी की सजा सुनाए जाने को लेकर भारत और पाकिस्तान के तनाव चरम पर है। इस बीच, गुरुवार को कुपवाड़ा में सेना के कैम्प पर आतंकी हमले और घाटी में पत्थरबाजी को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ देश के लोगों में गुस्सा और बढ़ा हुआ है। ऐसे में खबर आई है कि भारत के स्टीप कारोबारी सज्जन जिंदल ने बुधवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ मुलाकात की है। खबरों के मुताबिक, जिंदल कुछ घंटों के लिए ही पाकिस्तान गए थे। इससे अटकलें लगने लगी है कि नवाज के करीबी रहे जिंदल वार्ता बहाली की कोशिशों के तहत पाकिस्तान गए थे। हालांकि बाद में नवाज शरीफ की बेटी मरियम शरीफ ने ट्वीट कर इन अटकलों को खारिज किया जिंदल की उनके पिता से मुलाकात गुप्त थी। मगर पाकिस्तानी मीडिया ने इसे ‘गुप्त मीटिंग’ बता शरीफ को टारगेट किए हुए है। मीडिया की ओर से कहा जा रहा है कि नवाज ने इस मुलाकात को गुप्त रखने की कोशिश की। साथ ही, पाकिस्तानी मीडिया सज्जन पर पाकिस्तान वीजा नियमों का उल्लंघन करने का भी आरोप लगा रही है।
नवाज शरीफ की बेटी मरियम शरीफ ने एक ट्वीट में लिखा कि जिंदल और शरीफ की दोस्ती काफी पुरानी है और बुधवार को हुई उनकी मुलाकात भी दोस्ताना ही थी। मरियम ने अपील की है कि इस मुलाकात को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं पेश किया जाना चाहिए। इससे पहले गुरुवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि मंत्रालय के पास इस मुलाकात के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। बाद में मरियम शरीफ ने ही इस बैठक की पुष्टि की थी और इसे दोस्ताना मुलाकात बताया था। सज्जन किस संबंध में नवाज से मिले, इसका खुलासा मरियम ने भी नहीं किया। नवाज-मोदी को मिलवाने में पहले भी आया था जिंदल का नाम। इस मामले में अब सवाल उठने लगा है कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता बहाली के लिए कोई ट्रैक-2 डिप्लोमैटिक कोशिशें जारी हैं?
पाकिस्तान में मचा सियासी बवाल
सज्जन जिंदल की यात्रा और नवाज से मुलाकात की खबर पाकिस्तानी मीडिया में छपने के बाद वहां सियासी बवाल मच गया। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इस मामले में पंजाब असेंबली में एक प्रस्ताव पेश कर मुलाकात में हुई बात को सार्वजनिक करने की मांग की। इस मुलाकात के मद्देनजर पाकिस्तानी मीडिया में आशंका जताई जा रही है कि भारतीय प्रधानमंत्री पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए अनधिकारिक विकल्पों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। अब सज्जन पर वीजा नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लग रहा है। इसके कारण यह मुलाकात और ज्यादा विवादों में घिर गई है।
इससे पहले दिसंबर 2015 में जब मोदी और शरीफ की मुलाकात हुई थी, उस समय भी इसके पीछे जिंदल का नाम उभर कर आया था। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया था कि शरीफ और मोदी की इस मुलाकात के पीछे जिंदल की ही भूमिका थी। दोनों तरफ की सरकारों ने हालांकि इससे इनकार किया था।
पाक मीडिया का आरोप- सज्जन को मिली रियायत अब सज्जन और शरीफ के बीच हुई इस हालिया मुलाकात को पाकिस्तानी मीडिया कूटनीतिक रंग दे रहा है। पाकिस्तान के अलग-अलग अखबार और मीडिया चैनल्स इसे लेकर अलग-अलग संभावनाएं जता रहे हैं। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने आशंका जताई है कि यह शंघाई में होने जा रहे एससीओ सम्मेलन में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात तय करने के सिलसिले में ही सज्जन नवाज से मिले। मालूम हो कि एससीओ सम्मेलन इसी साल जून में आयोजित होने जा रहा है।
उधर, पाकिस्तान के समा टीवी ने दावा किया है कि उसके पास सज्जन जिंदल के यात्रा संबंधी कागजात हैं। चैनल ने आरोप लगाया है कि सज्जन को वीजा नियमों में छूट दी गई और उन्हें लाहौर में पुलिस को रिपोर्ट नहीं करना पड़ा। इतना ही नहीं, चैनल ने यह आरोप भी लगाया है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात के सिलसिले में भी उन्हें छूट दी गई। मालूम हो कि सज्जन ने मुरी स्थित नवाज के घर पर उनसे मुलाकात की थी।
कौन हैं सज्जन जिंदल?
सज्जन जिंदल भारत के बड़े स्टील कारोबारी हैं। उन्हें नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ, दोनों के करीबी माना जाता है और इस मुलाकात को उसी रूप में देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिसंबर 2014 में जब पीएम मोदी अचानक पाकिस्तान पहुंचे थे, तब उनके प्रतिनिधिमंडल में सज्जन जिंदल भी शामिल थे। नवाज शरीफ से नजदीकी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 25 दिसंबर, 2015 को सज्जन जिंदल ने एक फोटो ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा था कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को जन्मदिन की बधाई देने के लिए लाहौर में हूं।
जून में मिलेंगे मोदी और नवाज?
एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने लिखा, ‘सज्जन जिंदल पाकिस्तान में प्रवेश के बाद सीधे नवाज से मिलने मुरी चले गए, जबकि उनके वीजा में यह नहीं लिखा गया था कि उन्हें वहां जाने की इजाजत है। जिंदल के वीजा का नंबर 769903 था और यह 25 अप्रैल को जारी किया गया था। इसमें उन्हें केवल लाहौर और इस्लामाबाद जाने की ही अनुमति दी गई थी।’ अखबार ने लिखा, ‘सज्जन जिंदल नवाज और मोदी, दोनों के ही दोस्त हैं। माना जा रहा है कि पिछले तीन साल में मोदी और नवाज के बीच की मुलाकात तय करने में जिंदल ने अहम भूमिका निभाई है।’
जाधव पर तनाव के बीच जून में मुलाकात का शिगूफा
मालूम हो कि पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है। भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच गहराए तनाव के बीच हाल में पाकिस्तानी मीडिया ने पीएम मोदी और नवाज शरीफ को लेकर शिगूफा छोड़ा था। पाक मीडिया ने दावा किया था कि जून में कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित होने वाले शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके भारतीय समकक्ष के बीच मुलाकात हो सकती है। इससे पहले अमेरिका ने भी दोनों देशों के बीच तनाव घटान और बातचीत बहाली में कोशिश करने की बात कही थी। हालांकि, भारत ने मध्यस्थता की किसी भी कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया था।
साभार-khaskhabar.com













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