देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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अपने जमाने के मशहूर बॉलीवुड अभिनेता विनोद खन्ना कई दिनों एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। विनोद खन्ना ने 70 वर्ष की आयु में मुंबई के रिलायंस फाउडेशन अस्पताल में अंतिम सांस ली। विनोद खन्ना कैंसर से पीड़ित थे। बता दें कि हाल ही में उनकी एक तस्वीर भी वायरल हुई थी, जिसमें वे बेहद कमजोर नजर आ रहे थे। 31 मार्च को विनोद खन्ना को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें गिरगाम में बने रिलाइंस फाउंडेशन एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। विनोद के बेटे राहुल ने उनकी तबीयत का हाल बताते हुए कहा था कि, विनोद खन्ना के बेटे राहुल खन्ना ने बताया था कि डैड अब बिल्कुल स्वस्थ हैं और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। मीडियाई खबरों की मानें तो विनोद खन्ना को ब्लैडर कैंसर था।
विनोद खन्ना के दो बेटे अक्षय खन्ना और राहुल खन्ना हैं, जो बॉलिवुड में सक्रिय हैं। बेटे राहुल ने आगे कहा था कि, ‘मैं डॉक्टर्स और अस्पताल के स्टाफ का बहुत आभारी हूं। उन्होंने डैड की देखभाल बहुत अच्छे से की। अस्पताल ने भी यह कंफर्म किया था कि विनोद खन्ना की स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आ रहा है और उन्हें जल्द डिसचार्ज कर दिया जाएगा।’
विनोद खन्ना अपने वक्त के सबसे हैंडसम अभिनेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने लगभग 150 फिल्मों में काम किया। उनका जन्म 1946 में पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था। बता दें कि विनोद खन्ना ने साल 1968 में ‘मन का मीत’ से फिल्म में डेब्यू किया था। विनोद को आखिरी बार शाहरुख खान, वरुण धवन स्टारर दिलवाले में देखा गया था।
नकारात्मक किरदार
विनोद खन्ना ने अपने अभिनय करियर के दौरान कई तरह की भूमिकाएं निभाई जिनमें नकारात्मक, और सकारात्मक सभी किरदारों को बखूबी निभाया। लेकिन उन्होंने अपने करियर की शुरुआत नकारात्मक किरदारों से की। बाद में वह मुख्यधारा के हीरो बन गए।
उन्होंने सुनील दत्त की 1968 में आई फिल्म ‘मन का मीत’ में विलेन का किरदार निभाया। जिसमें पूरब और पश्चिम, सच्चा झूठा, आन मिलो सजन, मस्ताना, मेरा गांव मेरा देश, ऐलान जैसी फिल्मों में नकारात्मक किरदार निभाए।
सकारात्मक किरदार
खन्ना ने अभिनय की शुरुआज 1968 में फिल्म ‘मन का मीत’ से की। उन्होंने इसके साथ ही उन्होंने ‘मेरे अपने’, ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘इम्तिहान’, ‘इनकार’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘लहू के दो रंग’, ‘कुर्बानी’, ‘दयावान’ और ‘जुर्म’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय के लिए जाना जाता है। वह आखिरी बार 2015 में शाहरुख खान की फिल्म ‘दिलवाले’ में नजर आए थे।
राजनीति
विनोद खन्ना 1997 से चार बार पंजाब के गुरुदास पुर से सांसद रहे। 2002 में वे संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय में मंत्री रहे। इसके बाद वे विदेश मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री बनें।
साभार-khaskhabar.com













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