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नई दिल्ली । विदेश मंत्रालय ने गुरूवार को कहा कि नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव पाकिस्तान में किस जगह पर हैं और किस हाल में हैं, इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है और सरकार उन्हें वापस लाने के हरसंभव प्रयास कर रही है। पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने कथित जासूसी की गतिविधियों के आरोप में 46 वर्षीय जाधव को मौत की सजा सुनाई थी।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि कुलभाषण जाधव कहां हैं और किस हाल में हैं। हम उन्हें वापस लाने के हरसंभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन हम उन कदमों को सार्वजनिक नहीं कर सकते जो हम उठाएंगे। मंत्रालय के अनुसार हम इस अति महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपने उच्चायोग के माध्यम से पाकिस्तान के साथ संपर्क में हैं।
जाधव को पाकिस्तान में फांसी की सजा सुनाए जाने के मुद्दे ने दोनों देशों के बीच तनाव और बढा दिया है। भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि इसका असर दोनों देशों के संबंधों पर पड सकता है तथा सरकार उन्हें बचाने के लिए अपनी हदों से आगे जाकर प्रयास करेगी।
भारत ने कहा है कि पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में मौत की सजा पाने वाले भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव निर्दोष हैं। नई दिल्ली को नहीं पता कि जाधव को कब और कहां से गिरफ्तार किया गया।
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि उन्हें जाधव की मौजूदा हालत के बारे में भी नहीं पता है, क्योंकि इस्लामाबाद ने जाधव से भारतीय उच्चायुक्त के संपर्क के अनुरोधों को स्वीकार नहीं किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने यहां पत्रकारों से कहा, हमारे पास किसी तरह की कोई सूचना नहीं है और पाकिस्तान सरकार ने भी जाधव के बारे में हमें कुछ नहीं बताया है कि इस समय जाधव कहां हैं, उन्हें कब और कैसे गिरफ्तार किया गया और इस समय उनकी हालत कैसी है।
बागले ने फिर से दोहराया कि जाधव के खिलाफ गोपनीय तरीके से हुई सैन्य अदालत की सुनवाई की कोई विश्वसनीयता नहीं हैं। बागले ने जाधव पर जासूसी और पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लगाए गए आरोपों को भी आधारहीन करार दिया। बागले ने कहा कि भारत जाधव को वापस लाने की कोशिशें कर रहा है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह इस दिशा में उठाए गए कदमों का खुलासा नहीं करना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें नेपाल में पाकिस्तान के सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी के अपहरण की कोई जानकारी नहीं है।
संयुक्त राष्ट्र ने किया दखल देने से इनकार...
भारत के पूर्व नौसेना कमांडर कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में सुनाई गई सजा के मामले में संयुक्त राष्ट्र दखलंदाजी नहीं करेगा। यूएन के प्रवक्ता के संकेत दिए कि जाधव मामले में वह दूरी बनाकर रख सकता है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव अंतोनियो गुतेरेस के प्रवक्ता स्टिफन ड्यूजेरिक ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह संकेत दिए है। उन्होंने कहा कहा है कि यूएन इस मामले में किसी भी तरह का निर्णय देने की स्थिति में नहीं है।
ड्यूजेरिक ने कहा है कि हम इस मामले की कानूनी वैधता पर फैसला देने की स्थिति में नहीं हैं। हम इस संबंध में कुछ नहीं कह सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक भारत और पाकिस्तान के आपसी संबंधों की बात है, तो हम बार-बार यह कहते हैं कि दोनों पक्षों को आपसी बातचीत से शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए।
साभार-khaskhabar.com













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