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पुस्तक ‘करगिल द हाइट्स ऑफ ब्रेवरी’ का किया विमोचन

पुस्तक ‘करगिल द हाइट्स ऑफ ब्रेवरी’ का किया विमोचनबाड़मेर । भारत और पाकिस्तान के इतिहास में ऑपरेशन विजय और ऑपरेशन बद्र वह ऑपरेशन थे जिन्हें विश्व में करगिल युद्ध के रूप में पहचाना जाता है। पाकिस्तान की धरातल के साथ कूटनीति के मैदान में भारत को मात देने की मंशा लेकिन, भारत के वीर सैनिकों की बदौलत पाकिस्तान ही मात खानी पड़ी। इसी करगिल युद्ध को 16 पाठों में विभक्त कर उसके कई अनछुए पहलुओं को लोगों के सामने लाने वाली बाड़मेर के युवा लेखन आजाद सिंह राठौड़ की किताब ‘करगिल द हाइट्स ऑफ़ ब्रेवरी’ का विमोचन जयपुर में एक भव्य समारोह में हुआ। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, शिव विधायक मानवेंद्र सिंह, राजपूत समाज के भगवान सिंह रोहल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संजय दीक्षित के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। आयोजन को संबोधित करते हुए कैप्टन सचिन पायलट ने कहा कि साल 1971 के बाद 1999 का करगिल ही वह युद्ध था जिससे हर आम आदमी को पता चला की युद्ध के दौरान कितनी विकट परिस्थितिया होती हंै। देश पर जब भी किसी तरह की चुनोती आई है तब तब हमारी जनता, भारत की फ़ौज ने उसका डटकर सामना किया है। इस मौके पर शिव विधायक मानवेंद्र सिंह ने कहा कि करगिल का युद्ध भारत का पहला टेलीविजन युद्ध था जिसे हर भारतीय ने अपने घर में बैठ कर देखा। करगिल युद्ध की दिशा बदलने में तोरोलिंग फ़तेह थी और इस विजय के बाद हर कोई दुगने जोश से आगे बढ़ा था। 10 पैरा जैसी ब्रिगेड ने करगिल में जो पराक्रम दिखाया था वह हर किसी को पढऩा चाहिए। साल 1999 में हुए करगिल युद्ध को आजाद सिंह राठौड़ ने अपनी किताब को 16 अध्यायों में बांटा है। राठौड़ के मुताबित अब तक करगिल पर 27 किताबें आई हैं और तकरीबन 2 हजार से ज्यादा आलेख हैं। ऐसे में करगिल पर किताब में कुछ अलग और नया देना अपने आप में चुनौतिपूर्ण था और पाठकों की उम्मीदों पर खड़ा होने के लिए किताब को 16 पाठों में बांटा है। किताब से जम्मू कश्मीर, एलओसी, लाहौर समझौता, डेमेज कंट्रोल, बेटल जॉन, लीडरशिप एंड आर्बेट, ऑर्डर ऑफ़ बेटल, बेटल इन करगिल द्रास, बटालिक बेट्ल्स, मुश्को वैली, ऑपरेशन तलवार, ऑपरेशन सफेद सागर, रॉल ऑफ़ आर्टलरी, डिप्लोमेटिक वार और द वार हीरोज समेत 16 अध्यायों में करगिल के युद्ध की बारीक़ जानकारी मिल पाएगी।

साभार-khaskhabar.com

 

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