देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
मैड्रिड । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार देशों की अपनी छह दिन की यात्रा के दूसरे चरण में आज स्पेन की राजधानी मैड्रिड पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद मोदी का भव्य स्वागत किया गया। आपको बता दें कि 1988 के बाद से यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का स्पेन का पहला दौरा है। मोदी की स्पेन यात्रा का मकसद इन देशों के साथ द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना और भारत को बदलने के लिए वहां से और निवेश आकर्षित करना है। मोदी ने स्पेन की राजधानी पहुंचने के बाद ट्विटर पर अंग्रेजी और स्पैनिश में लिखा, ‘स्पेन पहुंच गया जिसके साथ ही एक बेहद महत्वपूर्ण दौरे की शुरुआत की जिसका उद्देश्य स्पेन के साथ आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को बेहतर करना है।’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने ट्विटर पर लिखा, ‘होला ऐस्पाना। प्रधानमंत्री मोदी मैड्रिड पहुंच गए, करीब तीन दशकों में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। एक विशेष भाव दिखाते हुए स्पैनिश विदेश मंत्री ने उनकी अगवानी की।’
मोदी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए अपने स्पैनिश समकक्ष मारियानो रखोई के साथ चर्चा करेंगे जिनमें उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्र शामिल है। मोदी स्पेन के राजा फिलिप षष्ठम से भी मिलेंगे। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘वह (मोदी) भारत में निवेश करने के इच्छुक स्पेन के शीर्ष उद्योगपतियों के साथ गोलमेज वार्ता भी करेंगे। प्रधानमंत्री की स्पेन यात्रा से भारत-स्पेन के मौजूदा दोस्ताना द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।’ मोदी स्पेन से रूस जाएंगे और सबसे आखिर में फ्रांस जाएंगे।
इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में कारोबार करने वाली जर्मनी के लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए मेक इन इंडिया मिटलस्टैंड (एमआईआईएम) अभियान ने जर्मनी को काफी आकर्षित किया है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती आई है। जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के साथ भारत-जर्मन व्यापार सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए मोदी ने कहा, जर्मनी ने मेक इन इंडिया अभियान में बड़ा योगदान दिया है। जर्मन कंपनियों को भारतीय बाजार में निवेश करने के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से सितंबर, 2015 में शुरू किया गया रणनीतिक कार्यक्रम एमआईआई मिटलस्टैंड बेहद सफल साबित हुआ है।
मोदी ने कहा, जर्मनी की 83 से अधिक कंपनियों ने इस कार्यक्रम से जुडऩे की इच्छा जताई है। इनमें 73 कंपनियां कार्यक्रम का हिस्सा बन चुकी हैं, जबकि 47 कंपनियां निवेश करने के प्रारंभिक दौर में हैं। मोदी ने कहा कि इंडो-जर्मन मैनेजर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत जर्मन कंपनियों ने भारतीय बाजार में अपना निवेश बढ़ाया है और भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारियां की हैं। मोदी ने कहा, इस कार्यक्रम से भारत के 500 से अधिक प्रबंधक लाभान्वित हुए हैं। जर्मनी को वैश्विक स्तर पर भारत का सबसे अहम साझेदार बताते हुए मोदी ने भारत में कारोबार करने वाली जर्मनी की बड़ी कंपनियों के उदाहरण दिए। गौरतलब है कि जर्मनी, भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने वाला सातवां सबसे बड़ा देश है।
मोदी ने कहा, बोस, सीमेंस, बीएएसएफ..इन्होंने भारत में विशेष अनुसंधान एवं विकास संस्थान शुरू किए हैं। मर्सिडीज बेंज ने पुणे के चाकन में अपना दूसरा कारखान शुरू किया है, जिससे अब मर्सिडीज भारत में दोगुना (20,000 वाहन प्रति वर्ष) उत्पादन करेगी।
मोदी ने विदेशी निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापार को सहज बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, पिछले सप्ताह हमने अपना विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) भंग कर दिया, ताकि विदेशी कंपनियां भारतीय बाजार में आसानी से कारोबार कर सकें। भारत में 2016-17 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढक़र 60 अरब डॉलर पहुंच गया।
साभार-khaskhabar.com













Related Items
75 का सवाल: क्या भाजपा तलाशेगी मोदी का विकल्प ?
अमेरिकी टैरिफ के बीच बोले पीएम मोदी, किसानों और छोटे उद्योगों का कल्याण हमारी 'सर्वोच्च प्राथमिकता'
पीएम मोदी का लंदन में प्रवासी भारतीयों ने किया जोरदार स्वागत, बोले- मैं अभिभूत