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नई दिल्ली । केंद्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि आठ नवंबर को की गई नोटबंदी के बाद करीब 18 लाख बैंक खातों में भारी मात्रा में नकदी जमा कराई गई है और यह रकम जमा करानेवाले की आर्थिक हैसियत से मेल नहीं खाती है। इसलिए इन खातों की जांच कराई जाएगी। लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जबाव में जेटली ने कहा कि ऎसे खातों को ढूंढने के लिए डेटा माइनिंग का प्रयोग किया गया है।
जेटली ने कहा, नोटबंदी के बाद कहीं जनधन खातों और निष्क्रिय खातों का दुरूपयोग तो नहीं किया गया, इसका पता लगाने के लिए डेटा माइनिंग के द्वारा खातों की जानकारी इकटा की गई है और हमारी नजर उन पर है, जिन्होंने भारी मात्रा में नकदी जमा कराई है। मंत्री ने कहा, ऎसे करीब 18 लाख बैंक खातों की पडताल की गई है। ऎसे लोगों को नोटिस भेजकर प्रारंभिक जानकारी मांगी गई है और कई लोगों ने अभी तक जबाव नहीं दिया है।
जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा था कि आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद से 30 दिसंबर तक करीब 1.09 करोड खातों में दो लाख रूपये से लेकर 80 लाख रूपये तक की रकम जमा कराई गई है, जो औसतन 5.03 लाख रूपये प्रति खाता है।
500, 2000 के नोटों में 141.13 करोड हुए जब्त...
जेटली ने कहा कि सरकारी एजेंसियों ने कुल 141.13 करोड रूपये नए 500 और 2000 के नोटों में जब्त किए गए हैं। जेटली ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा, प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो, आयकर विभाग और राजस्व खुफिया निदेशालय ने 141.13 करोड रूपये मूल्य के नए नोट जब्त किए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जब्त 2,000 रूपये और 500 रूपये के सभी नए नोटों को भारतीय स्टेट बैंक या किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा कराया जाता है, ताकि वे प्रचलन में वापस आ सकें। उन्होंने कहा,आयकर विभाग अपनी खोज और जब्ती कार्रवाई के दौरान जब्त की गई नकदी को जल्द से जल्द राष्ट्रीयकृत बैंकों में बनाए गए सार्वजनिक जमा खातों में जमा करता है।
साभार-khaskhabar.com













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