देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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पटना। बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को बहुमत हासिल कर लिया है। विश्वास मत में नीतीश कुमार के पक्ष में 131 वोट पड़े, वहीं विरोध में 108 वोट मिले। आपको विश्वास मत से पहले तेजस्वी यादव ने नीतीश पर जमकर हमला बोला। वहीं, जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि ये कांग्रेस के लोग हैं अहंकार में जीने वाले लोग हैं। नीतीश ने कहा कि मैंने जो भी किया है बिहार के हित में किया है। कहा जा रहा है कि शुक्रवार को ही मंत्रिमंडल का ऐलान हो सकता है।
नीतीश ने कहा कि 15 से ज्यादा सीटें कांग्रेस को नहीं मिलने वाली थी लेकिन हमने महागठबंधन में 40 सीटों पर चुनाव लड़वाया। विश्वास मत से पहले राजद विधायक लगातार हंगामा कर रहे हैं। राजद विधायकों ने विधानसभा के बाहर धरना भी दिया। तेजस्वी ने पहले बोलते हुए काफी तीखे आरोप लगाए नीतीश पर।
पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि मैं इस प्रस्ताव के विरोध में खड़ा हूं। हमें बीजेपी के खिलाफ वोट मिला था, ये सब प्रीप्लान था। ये एक तरह से लोकतंत्र की हत्या है। बीजेपी के भी कई मंत्री हैं जिनपर आरोप हैं, नीतीश कुमार और सुशील मोदी पर भी आरोप हैं। तेजस्वी ने कहा कि कांग्रेस और राजद ने मिलकर नीतीश कुमार के वजूद को बचाया था, नीतीश ने बिहार की जनता को धोखा दिया।उधर, बिहार में जेडीयू-बीजेपी सरकार के विरुद्ध राजद की याचिका हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है। इसको लेकर सुनवाई सोमवार को होगी।
आपको बता दें कि 243 सदस्यीय विधानसभा में नीतीश सरकार को बहुमत के लिए 122 सदस्यों के समर्थन की जरूरत थी। नीतीश के पास 71, बीजेपी और सहयोगियों के पास 58 सीटें हैं। कुल 129 हुए। 4 निर्दलीय विधायक हैं। एनडीए का दावा है कि उनके पक्ष में 132 सदस्य हैं। वहीं सबसे बड़े दल आरजेडी के खाते में 80, कांग्रेस के पास 27 और सीपीएम के पास 3 विधायक हैं।
साभार-khaskhabar.com













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