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‘गठबंधन में सावधानी बरतने की जरूरत, हमने कभी नहीं रची सरकार गिराने की साजिश’

मुंबई। महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव है। इसके लिए सभी दलों ने कमर कस ली है। मुख्य मुकाबला भाजपा-शिवसेना और कांग्रेस-एनसीपी के बीच माना जा रहा है। भाजपा और शिवसेना पिछली बार अलग-अलग चुनाव लड़ी थी, लेकिन इस बार दोनों ने गठबंधन किया है। हालांकि शिवसेना ने 2014 में भाजपा को समर्थन दे दिया था और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पांच साल सरकार चलाने में सफल रहे।

मंगलवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र सामना में भाजपा के साथ रिश्तों पर खुलकर बात की। ठाकरे ने कहा कि शिवसेना पिछले पांच साल से महाराष्ट्र में सरकार का हिस्सा है। हमारे पास कोई खास शक्तियां नहीं हैं लेकिन इसके बावजूद हमने कभी धोखा नहीं दिया और न ही सरकार गिराने के लिए कोई साजिश रची।

किसी गठबंधन में दोनों पार्टियों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अकारण गति बढ़ाने पर हादसा हो सकता है। उद्धव ने आरे कॉलोनी में पेड़ों को काटे जाने के बारे में कहा कि वे मेट्रो कार शेड के खिलाफ नहीं हैं बल्कि उस स्थान के खिलाफ हैं जहां इसकी इजाजत दी गई। लोगों की परेशानियों की कीमत पर विकास नहीं होना चाहिए। अगर चुनाव में हमारा गठबंधन जीत जाता है, तो दोनों मिलकर बेहतर प्रशासन और सुशासन देंगे। हमारे बीच मतभेद थे और हमें जहां कहीं भी गलत लगा हमने अपनी आवाज उठाई। गठबंधन जारी रखने के लिए भाजपा और शिवसेना को सावधानी बरतने की जरूरत है। मैंने राज्य के हित के लिए समझौता किया।

मुझे विश्वास है कि पिछले पांच साल के अनुभव के आधार पर हम अच्छा प्रशासन और सुशासन दे सकेंगे। जब फड़णवीस पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तो उनके पास क्या अनुभव था। शिवसेना को महाराष्ट्र की सभी 288 सीटों के लिए तैयार रहना होगा। तैयार रहने का मतलब चुनाव लडऩा, या जीतना अथवा हारना नहीं है। मैं चाहता हूं कि शिवसेना की विचारधारा हर वार्ड में पहुंचे।


साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

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