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रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर के उद्घाटन में बोले पीएम मोदी – काशी का श्रृंगार ‘रुद्राक्ष’ के बिना अधूरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने काशीवासियों को 1,500 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं सौंपी, जिनमें 744 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और 730.91 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। इस दौरान 186 करोड़ की लागत से बना भारत-जापान की दोस्ती के प्रतीक ‘रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर’ का भी लोकार्पण किया गया। लोकार्पण के दौरान पीएम ने कहा कि पिछले 7 वर्षों में इतनी सारी विकास परियोजनाओं से काशी का श्रृंगार हो रहा है, तो ये श्रृंगार बिना रुद्राक्ष के कैसे पूरा हो सकता था। अब जब ये रुद्राक्ष काशी ने धारण कर लिया है, तो काशी का विकास और ज्यादा चमकेगा, और ज्यादा काशी की शोभा बढ़ेगी।

जापान आज भारत के सबसे विश्वसनीय दोस्तों में से एक

कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि मुझे याद है, शिंजों आबे जब प्रधानमंत्री के तौर पर काशी आए थे, तो रुद्राक्ष के आइडिया पर उनसे मेरी चर्चा हुई थी। भारत और जापान की सोच है कि हमारा विकास हमारे उल्लास के साथ जुड़ा होना चाहिए। ये विकास सर्वमुखी होना चाहिए, सबके लिए होना चाहिए, और सबको जोड़ने वाला होना चाहिए। चाहे रणनीति-सम्बंधित क्षेत्र हो या आर्थिक क्षेत्र हो, जापान आज भारत के सबसे विश्वसनीय दोस्तों में से एक है। हमारी दोस्ती को इस पूरे क्षेत्र की सबसे अच्छी भागीदारी में से एक माना जाता है।

कोरोनाकाल में जब दुनिया ठहर सी गई, तब काशी संयमित तो हुई, अनुशासित भी हुई, लेकिन सृजन और विकास की धारा अविरल बहती रही।

काशी के विकास के ये आयाम, ये ‘इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर- रुद्राक्ष’ आज इसी रचनात्मकता का, इसी गतिशीलता का परिणाम है: PM 
— प्रसार भारती न्यूज सर्विसेज (@PBNS_HINDI) JULY 15, 2021

कंवेंशन सेंटर पहुंचते ही सबसे पहले पीएम मोदी ने परिसर में एक रुद्राक्ष का पौधा लगाया। पौधरोपण के बाद उन्होंने रिबन काटकर सेंटर का उद्घाटन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने शिलापट्ट का अनावरण कर रुद्राक्ष सेंटर को देश को समर्पित किया। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा प्रधानमंत्री को कंवेंशन सेंटर का स्मृति चिह्न भेंट किया गया। इसके बाद सभी श्रोतागणों को जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा का भी वीडियो संदेश सुनाया गया।

कोरोना काल में भी काशी में सृजन और विकास की धारा अविरल बहती रही

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोनाकाल में जब दुनिया ठहर सी गई थी, तब काशी संयमित तो हुई, अनुशासित भी हुई, लेकिन सृजन और विकास की धारा अविरल बहती रही। काशी के विकास के ये आयाम, ‘इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर- रुद्राक्ष’ आज इसी रचनात्मकता का, इसी गतिशीलता का परिणाम है, काशी तो साक्षात् शिव ही है।

प्राइम मिनिस्टर श्री शुगा योशीहिदे जी उस समय चीफ़ कैबिनेट सेक्रेटरी थे।

तब से लेकर पीएम की भूमिका तक, लगातार वो इस प्रोजेक्ट में व्यक्तिगत रूप से शामिल रहे हैं।

भारत के प्रति उनके इस अपनेपन के लिए हर एक देशवासी उनका आभारी है: PM @NARENDRAMODI

— प्रसार भारती न्यूज सर्विसेज (@PBNS_HINDI) JULY 15, 2021

कार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने कहा, बनारस के तो रोम-रोम से गीत संगीत और कला झरता है। यहां गंगा के घाटों पर कितनी ही कलाएं विकसित हुई हैं, ज्ञान शिखर तक पहुंचा है और मानवता से जुड़े कितने गंभीर चिंतन हुए हैं। बनारस गीत-संगीत का, धर्म-आध्यात्म का और ज्ञान-विज्ञान का एक बहुत बड़ा ग्लोबल सेंटर बन सकता है। इसके अलावा बीते 6-7 वर्षों में बनारस के हैंडीक्राफ्ट और शिल्प को मजबूत करने की दिशा में काफी काम हुआ है। इससे बनारसी सिल्क और बनारसी शिल्पकला को फिर से नई पहचान मिल रही है।

बनारस के तो रोम रोम से गीत संगीत और कला झरती है।

यहाँ गंगा के घाटों पर कितनी ही कलाएं विकसित हुई हैं, ज्ञान शिखर तक पहुंचा है और मानवता से जुड़े कितने गंभीर चिंतन हुये हैं।

इसीलिए, बनारस गीत-संगीत का, धर्म-आध्यात्म का और ज्ञान-विज्ञान का एक बहुत बड़ा ग्लोबल सेंटर बन सकता है: PM


क्या है रुद्राक्ष सेंटर?

186 करोड़ की लागत से बने ‘रुद्राक्ष’ अंतर्राष्ट्रीय सहयोग सम्मेलन सेंटर का उद्घाटन दुनिया के सबसे प्राचीनतम शहरों में से एक वाराणसी के सिगरा में किया गया है। इस सेंटर में इंडोजापान कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। कन्वेंशन सेंटर में स्टील के 108 रुद्राक्ष के दाने भी लगाए गए हैं। साथ ही साथ इस सेंटर में 120 गाड़ियों की बेसमेंट पार्किंग है। ग्राउंड फ्लोर, प्रथम तल में भी हॉल उपलब्ध हैं, जिसमें वियतनाम से मंगाई गई कुर्सियां हैं और लगभग 1200 लोगों की बैठक क्षमता है। इसके अलावा इस सेंटर में दिव्यांगो के लिए भी दोनों दरवाजों के पास 6-6 व्हील चेयर्स का इंतजाम किया गया है। वहीं शौचालयों को भी दिव्यागजनों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।


इन परियोजनाओं की मिली सौगात

आज जिन परियोजनाओं की सौगात पीएम मोदी ने दी है उनमें मुख्य रूप से जापान के सहयोग से बना रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, बीएचयू में एमसीएच विंग, नेत्र संस्थान, गंगा नदी में रो-रो और क्रूज सर्विस, वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर ओवरब्रिज, मच्छोदरी पर अत्याधुनिक मॉडल स्कूल, गोदौलिया पर वाराणसी की पहली मल्टीलेवल पार्किंग, गंगा के घाटों को लहरों के प्रकोप से बचाने के लिए चैनलाइजेशन कार्य, गंगा के सभी घाटों पर उनकी विशेषता बनाते वाले शिलापट्ट और एलसीडी स्क्रीन का कार्य प्रमुख है।

नारद संवाद

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