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हरियाणा में छात्र-छात्राओं का कॉलेज में ही बनेगा ड्राईविंग लाइसेंस और पासपोर्ट, कैसे, यहां पढ़ें

चण्डीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि युवा, यातायात नियमों के प्रति जागरूक हों, इसके लिए प्रदेश के महाविद्यालयों में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी को यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ उनके शिक्षण संस्थान में ही ड्राईविंग लाईसेंस प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, यह भी निर्णय लिया गया है कि जब छात्राएं कॉलेज से स्नातक होकर पासआउट होंगी, उन्हें पासपोर्ट देकर भेजा जाएगा और पासपोर्ट बनवाने की समस्त प्रक्रिया कॉलेज में ही पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्रीकरनाल स्थित डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम में, स्कूल, कॉलेज व आई.टी.आई. के 18 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को लर्निंग लाईसेंस व स्टड कम्पनी का हेलमेट वितरण करने के ‘हर सर हेलमेट’ कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि बोल रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सांकेतिक तौर पर पांच युवाओं को हेलमेट भी वितरित किए।
कार्यक्रम का आयोजन करनाल लोकसभा के सांसद श्री संजय भाटिया द्वारा अंतरराष्ट्र्रीय हेलमेट निर्माण कम्पनी स्टड के सहयोग से किया गया, जिसमें 100 से अधिक युवाओं को हेलमेट वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का कार्यक्रम राजनीतिक विषय से अलग है और इसका सम्बन्ध दीर्घकालिक परिणामों से है। ऐसे ही हरियाणा में समाज सुधार से जुड़ा, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम, भविष्य के लिए जल बचाओ और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए स्वच्छता जैसे कार्यक्रम सफलतापूर्वक जारी हैं। ‘हर सर हेलमेट’ एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें सोच बदलने का विषय निहित है अर्थात सडक़ पर चलते जीवन को कैसे सुरक्षित रखा जाए।
सडक़ दुर्घटनाओं के आंकडों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश में हर वर्ष बड़ी संख्या में सडक़ दुर्घटनाएं होती हैं और प्रतिदिन लगभग 1300 दुर्घटनाएं होने का अनुमान है, जिनमें बिना हेलमेट के ड्राईव करने वाले अधिकांश व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है। जहां तक हरियाणा की बात है, यहां वर्ष में लगभग 4500 सडक़ दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें सिर पर चोट लगने के कारण प्रतिदिन औसतन 13 व्यक्ति असमय मौत का शिकार हो जाते हैं। अध्ययन बताते हैं कि यदि व्यक्ति हेलमेट पहन कर वाहन चलाए तो दुर्घटना में उसके बचने की 80 प्रतिशत सम्भावना रहती है।
हेलमेट के बिना चालान किए जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि ऐसे चालान किसी सरकारी एजेंडे में नहीं आते, ना ही इससे कोई राजस्व में इजाफा होता है। बल्कि चालान करने का उद्देश्य वाहन चालक को जागरूक करने के साथ-साथ उसके जीवन को सुरक्षित बनाना है। उन्होंने कहा कि न केवल सडक़ पर, बल्कि रोलर स्केटिंग जैसे खेल, भवन निर्माण तथा खनन जैसे कार्यों में भी हेलमेट की अनिवार्यता रहती है। यह एक ऐसा शस्त्र है, जिसका इस्तेमाल सबको करना चाहिए।

साभार-khaskhabar.com

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