BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की हाईकोर्ट के 5 मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मेघालय, झारखंड, मद्रास, मध्य प्रदेश और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए. पी. साही को मद्रास हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने और राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश मोहम्मद रफीक को मेघालय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर स्थानांतरित करने की सिफारिश की है।

मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश वी. के. ताहिलरमाणी ने मेघालय हाईकोर्ट में तबादला करने का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद न्यायमूर्ति विनीत कोठारी को मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया, जबकि न्यायमूर्ति ए. के. मित्तल को मेघालय हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।

अब कॉलेजियम ने न्यायाधीश मित्तल को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जिम्मेदारी सौंपने की सिफारिश की है। इसके साथ ही त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा कॉलेजियम ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश रवि रंजन को झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत करने की भी सिफारिश की है। यह निर्णय 15 अक्टूबर को हुई कॉलेजियम की एक बैठक में लिया गया जहां 28 अगस्त की पूर्ववर्ती सिफारिशों पर पुनर्विचार और संशोधन किया गया। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 अगस्त को मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश ताहिलरमाणी के मेघालय हाईकोर्ट में तबादले की सिफारिश की थी, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया और इस्तीफा दे दिया।

 

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More