देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreनई दिल्ली। नुसरत जहां इस साल मई में लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के टिकट पर जीती थीं। वे तब से ही काफी चर्चाओं में हैं। अब एक बार फिर उन्हें लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नुसरत जहां दुर्गा पूजा के अवसर पर अपने पति निखिल जैन के साथ कोलकाता के पंडाल में पूजा करने पहुंचीं।
वहां पर वे ढोल-नगाड़ों पर जमकर थिरकीं। यह बात मुस्लिम संगठन देवबंद उलेमा को अखर गई और उसने इसे गैर इस्लामिक बताकर नुसरत जहां की आलोचना की। हालांकि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने नुसरत जहां का बचाव किया है। विहिप का कहना है कि भारत में जो भी मुसलमान हैं, उनके पूर्वज हिंदू ही थे।
विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि ये जो गंगा-जमुना तहजीब की बात करते हैं और हमें सहिष्णुता का पाठ पढ़ाते हैं, वह पता चलता है। आज सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई मुस्लिम देशों में रामलीला होती है। हम मानकर चलते हैं कि भारत में जो भी मुसलमान हैं उनके पूर्वज हिंदू थे। अगर कोई मुसलमान दुर्गा पंडाल में जाकर नाचता है तो इसमें कुछ गलत नहीं है। वहीं अगर अगर कोई हिंदू रमजान के महीने में इफ्तार देता है तो इसका ये मतलब नहीं है कि उसने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है। मेरे हिसाब से अगर कोई मुसलमान दुर्गा पंडाल में नाचता है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
साभार-khaskhabar.com













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