देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। लुभावनी सरकारी योजनाओं को जनता यूं ही छलावा नहीं कहती है। इनका ढिढोरा जितना पीटा जाता है, उतना लाभ जनता को नहीं मिलता है। कोरोना संकट और लाॅकडाउन के चलते बेरोजगार हुए मजदूरांे के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने घोषणाओं का पिटारा खोल दिया है।
मजदूरों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके और अपात्रों के हाथों में पात्रों की मदद न जाए इसके लिए मजदूरों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। रजिस्टेªशन की जिम्मेदारी मथुरा में सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय को सौंपी गई है। यहां 64 हजार मजदूरों का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष अभी तक सिर्फ 4 हजार मजदूरांे ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें भी पात्र और अपात्रों का चयन होना बाकी है। यानी अभी तक लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 6.25 प्रतिशत मजदूर ही रजिस्ट्रेशन करा पाये हैं। यह हालात तब हैं जब सरकार मजदूरों के हितों को लेकर बेहद चिंतित है और बडी संख्या में बेरोजगार हुए मजदूर सरकारी मदद चाहते हैं।
सहायक श्रम आयुक्त प्रभात कुमार का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए रजिस्टेªशन अनिवार्य है। उन्होंने मजदूरों से अपील की है कि वह जल्द से जल्द योजनाओं का लाभ लें। सहायक घ्श्रम आयुक्त ने बताया कि स्वघोषणापत्र के साथ मजदूर अपना पंजीयन करा सकते है। निर्माण कार्य में जैसे जाली, पिंजर, प्लंबर कारीगर, मिस्त्री, बेलदार आदि सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय पर आकर अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। जिससे सरकारी योजनाओं और सहायता का लाभ मिलने के साथ ही रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा सकें।













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