BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

भारी बारिश के बाद, कर्नाटक के इलाकों में भूस्खलन का मंडरा रहा खतरा

बेंगलुरू। कर्नाटक में मूसलाधार बारिश के रुकने के बावजूद कर्नाटक के शिवमोगा, चिकमगलूर, कोडागु, हासन और बेलगावी जिलों में भूस्खलन का खतरा लोगों को परेशान कर रहा है। एक सप्ताह से ज्यादा समय से हो रही भारी बारिश के कारण शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली और सागर तालुक से कई भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।

भारतीपुरा क्षेत्र में भूस्खलन की 10 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं और इसी तरह के मामले शिवमोग्गा जिले के हुलीगुड्डा, येदहल्ली, कोलिकलुगुड्डा और अन्य स्थानों से सामने आ रहे हैं।

सोमवार को मेड गांव के पास भूस्खलन के बाद मंगलुरु-मदिकेरी मार्ग पर एक बड़ी दरार आने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई । बागलकोट जिले के मुधोल तालुक के पास निरजी, वंतगोडा, मलिंगापुरा के पास राजमार्गों के टूटने की खबरें हैं।

हासन के जिला कलेक्टर आर. गिरीश ने अगले आदेश तक बेंगलुरू-मंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग-75 पर भूस्खलन के बाद वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा सोमवार को भारी बारिश की भविष्यवाणी के बाद, जिला प्रशासन बेलगावी, दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़, शिवमोग्गा, हसन और मदिकेरी में स्थिति का प्रबंधन करने के लिए कमर कस रहा है।

भारी बारिश से हुए नुकसान की पृष्ठभूमि में राज्य भर में 9,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 7 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

कृष्णा, कावेरी, तुंगभद्रा, हिरण्यकेशी, घटप्रभा, मालाप्रभा, वेदगंगा, दूधगंगा, पंचगंगा नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं।

 


साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More