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बहुमंजिला निर्माणों और अतिक्रमणों की ड्रोन के जरिये होगी वीडियोग्राफी, फिर होगी सख्त कार्रवाई

जयपुर। जयपुर शहर की चार दीवारी के भीतर पुरातात्विक महत्व के भवनों एवं धरोहरों को संरक्षित किये जाने की कार्य योजना के तहत नगर निगम जयपुर (चार दीवारी के भीतर) ड्रोन के माध्यम से विस्तृत सर्वे एवं वीडियोग्राफी का कार्य 14 अक्टूबर से प्रारम्भ करेगा।
यह निर्णय स्वायत्त शासन, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में उनके निवास पर सोमवार को हुई बैठक में लिया गया।
बैठक में स्वायत्त शासन, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग मंत्री शांति धारीवाल ने निर्देश दिये कि 14 अक्टूबर, 2019 से चार दीवारी के भीतर स्थित भवनों का विस्तृत सर्वे एवं वीडियोग्राफी ड्रोन के माध्यम से करवायी जाये। यदि आवश्यक हो तो इस दौरान यातायात बन्द रखने की कार्यवाही भी की जावे।
धारीवाल ने बताया कि सर्वे एवं वीडियोग्राफी के दौरान चार दीवारी क्षेत्र में हैरिटेज मानकों के विरूद्ध किये गये बहुमंजिला निर्माणों एवं अतिक्रमणों को सूचीबद्ध किया जायेगा तथा दीपावली के पश्चात् उनके विरूद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बताया कि चार दीवारी क्षेत्र में शीघ्र ही हैरिटेज बायलाॅज लागू होंगे। बायलाॅज बनाने का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होनें बताया कि चार दीवारी के भीतर विरासत संरक्षण के संबंध में बिल/अधिसूचना लागू की जायेगी। इसके लिये आम नागरिकांे से आपत्ति/सुझाव दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से मांगे जायेंगे।
उल्लेखनीय है कि अजर बेजान के बाकू शहर में यूनेस्को के 43वें सम्मेलन में जयपुर शहर परकोटा को विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था। इसी वर्ष दिसम्बर, 2019 में यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत सूची की पुनः समीक्षा की जायेगी। जयपुर शहर की चार दीवारी के विश्व विरासत सूची के स्तर को बनाये रखने के लिये राज्य सरकार द्वारा चार दीवारी के भीतर स्थित धरोहरों के संरक्षण के लिये योजना तैयार कर क्रियान्वित की जा रही है।

 

साभार-khaskhabar.com

 

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