देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreजयपुर । सचिन पायलट और समर्थक कांग्रेसी विधायकों के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगने के बावजूद राजस्थान भाजपा बैठक करके राजनीतिक विश्लेषण करने की गणित में लगी हुई है। राजस्थान के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया तो बयान दे चुके थे कि पायलट अगर आते है,तो प्रदेश भाजपा ईकाई को कोई परहेज नहीं है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने सीएम गहलोत को नसीहत दी थी कि उन्हें फ्लोर टेस्ट के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार करना चाहिए।
उपनेता राजेंद्र राठौड़ यह बयान दे चुके है कि मुख्यमंत्री अपने ही विधायकों का विश्वास खो चुके है। लेकिन पायलट के इनकार के बाद भाजपा का राजस्थान में तोड़फोड़ की राजनीति करके सत्ता में आने का प्रयास क्या जारी है, यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
हालांकि अभी तक पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान के राजनीतिक घटनाक्रम पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सिर्फ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, भाजपा नेता अमित मालवीय समेत अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ चुकी है ।
वहीं सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत दौरान कहा कि जो लोग कह रहे हैं कि मैं भाजपा में शामिल होने वाला हूं, वो मेरी छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने उकसावे और पद छीनने के बावजूद पार्टी के खिलाफ एक भी शब्द नहीं कहा है। हम भविष्य के लिए अपनी रणनीति तय करने जा रहे हैं।
इसके अलावा राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने बागी कांग्रेसी विधायकों को नोटिस करके जवाब मांगा है। अब शुक्रवार के बाद राजस्थान विधानसभा के फैसले पर सभी की नजरे होगी और आगे का राजनीतिक घटनाक्रम पता चल सकेगा।
साभार-khaskhabar.com












