देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreजयपुर। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय यात्रियों, स्मारकों, गाइड्स, होटल्स एवं रेस्टोरेंट्स, टूर ऑपरेटर और अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए उचित दिशा-निर्देश तैयार के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। आधिकारिक दस्तावेज इस महीने के मध्य तक तैयार हो जायेंगे और मंत्रालय द्वारा इसका समर्थन और निरीक्षण किया जाएगा। यह स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देश और टूरिज्म इंडस्ट्री से आने वाले विभिन्न विचारों के अनुरूप होगा। यह जानकारी अतिरिक्त महानिदेशक, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार, डॉ. रूपिंदर बरार ने दी।
राजस्थान सरकार की प्रमुख शासन सचिव पर्यटन, कला और संस्कृति,श्रेया गुहा ने कहा कि पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार रिवाइवल पैकेज तैयार करने पर हेरिटेज होटल एसोसिशियेशन के साथ मिलकर काम कर रही है। आर्थिक रिवाइवल के लिए सरकार द्वारा एक विशेष कार्यबल का गठन किया गया है। विभिन्न सिफारिशों को तैयार करने के लिए होटल और पर्यटन क्षेत्र के साथ चर्चा की गई है। जिनमें से कुछ राज्य के वित्त विभाग को भेजे गए हैं। इसके अलावा वेतन सहायता, बिजली शुल्क माफ करना, राज्य कर प्रतिपूर्ति, बार शुल्क में कमी, सहित अन्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है। स्मारकों के लिए पहले से ही दिशा निर्देश बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय, अनिवार्य रूप से ऑनलाइन बुकिंग्स और हाइजिन प्रोटोकॉल के पालन के साथ-साथ गैलेरीज और संग्रहालयों में सीमित प्रवेश पर भी जोर दिया जाएगा।
इससे पहले अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में, आईएचएचए के अध्यक्ष, मारवाड़,जोधपुर के महाराजा गजसिंह ने कहा कि विदेशी पर्यटन के आसार धूमिल है, इसलिए घरेलू पर्यटन पर ध्यान केंद्रित करने और प्रत्येक राज्य की विशिष्टताओं और विशेषताओं पर जोर देने के साथ राज्यवार विपणन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। होटल में अधिकतम हाइजिन और सेनिटेशन स्टैंडर्ड्स बनाए रखते हुए एक स्वच्छ छवि का निर्माण करना चाहिए। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों के ऐसे परिवारों के लिए यात्रा कार्यक्रम बनाए जाने चाहिए जो ग्रामीण जीवन का अनुभव करना चाहते हैं। सहायक उद्योगों को विकसित करने की आवश्यकता है ताकि फूड डिलीवरी, हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्शन सहित अन्य सेवाओं में मौजूदा होटल कर्मचारियों को संलग्न किया जा सके।
साभार-khaskhabar.com












