BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

कमल नाथ की महिला प्रत्याशी पर की गई टिप्पणी पर मायावती का हमला

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा भाजपा की महिला प्रत्याशी पर की गयी टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा कि इसका संज्ञान लेकर कांग्रेस आलाकमान को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। मायावती ने सोमवार को ट्विटर के माध्यम से लिखा कि, मध्यप्रदेश में ग्वालियर की डबरा रिजर्व विधानसभा सीट पर उपचुनाव लड़ रही दलित महिला के बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सीएम द्वारा की गई घोर महिला-विरोधी अभद्र टिप्पणी अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय। इसका संज्ञान लेकर कांग्रेस आलाकमान को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने आगे लिखा कि कांग्रेस पार्टी को इसका सबक सिखाने व आगे महिला अपमान करने से रोकने आदि के लिए भी खासकर दलित समाज के लोगों से अपील है कि वे एमपी में विधानसभा की सभी 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में अपना वोट एकतरफा तौर पर केवल बीएसपी उम्मीदवारों को ही दें तो यह बेहतर होगा।

ज्ञात हो कि 18 अक्तूबर को मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ डबरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बात बात में कैबिनेट मंत्री इमरती देवी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। कमल नाथ ने भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी को आइटम कहा। गौरतलब है कि इमरती देवी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई हैं। कमलनाथ ने इमरती देवी के बारे में कहा कि आप तो उसे मुझसे ज्यादा पहचानते हैं, आपको मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था, ये क्या 'आइटम' है। इस पर मायावती ने आपत्ति जताई है।


साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More