BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

इस रंग की फल-सब्जियां खाएं, सभी बीमारियों काे भगाएं

अनानास, बेल, पपीता, आम, केला, कद्दू यह सभी खुशी के रंग होते हैं। इनमें लाइकोपीन, बिटामिन-ए,सी, पोटेशियम, फलेवोनायड पाया जाता है यह पोषक पदार्थ ब्लडप्रेशर को नियंत्रिता करते हैं। इनके सेवन से कब्ज और गले की जलन से राहत मिलती है। यह आपकी हेल्थ के अलावा बालों में चमक लाने के लिए नींबू का उपयोग करें।

आम में घुलनशील फाइबर पेक्टिन और विटामिन सी पाया जाता है। यह रक्त में कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन सीरम खराब कोलेस्ट्रोल को लेवल में कम करता है। यह ग्रंथि में होने वाले कैंसर से भीबचाता है।

पीले रंग का कद्दू में है पौष्टिक तत्व। आहार विशेषज्ञों अनुसार कद्दू हृदयरोगियों के लिए अत्यंत लाभदायक है। यह कोलेस्ट्रोल को कम करता है, ठंडक पहुंचाने वाला और मूत्रवर्धक होता है। यह पेट की गडबडियों में भी असरदायक है। कद्दू रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करता है ओर अग्न्याशय को सक्रिय करता है। इसी कारण चिकित्सक मधुमेह रोगियों को कद्दू खाने की सलाह देते हैं। पीली शिमला मिर्च में विटामिन ए, सी और बीटा कैरोटीन भरा होता है। इसके अंदर बिल्कुल भी कैलोरी नहीं होती इसलिये यह खराब कोलेस्ट्रॉल को नहीं बढाती। साथ ही यह वजन को स्थि बनाये रखने के लिये भी योग्य है।

पपीते में विटामिन ए भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो आंखों की रोशनी के लिए बहुत लाभकारी है। कोई भी व्यक्ति उम्र बढने की वजह से आंखों की रोशनी से मरहूम नहीं होता चाहता और पपीते को अपने आहार में शामिल कर के आप आप ऐसी मुश्किल से बच सकते हैं। केले में प्राकृतिक मिठास होती है जो मीठा खाने की इच्छा को पूरा करती है। वजन घटाने वालों के साथ कई बार ऐसा होता है। कि उन्हें अंदर से बहुत तेज कुछ मीठा खाने की ख्वाहिश होती है। तो उनके लिए केले बेस्ट ऑप्शन है।

पपीता आप हृदय रोग में ले सकते है यह फल पेट के रोगी के लिए बहुत ही फायदेमंद तो है ही, इसका सेवन से आंखों की रोशनी भी बढती है।

बेल में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन सी, बी, फॉस्फोरस, कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। आयुर्वेद में इसके रस को खाली पेट पीने की सलाह दी गई है।

 साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More