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एलएस टोनियां एवं सफेदा नामक वृक्षों को नष्ट करे सरकार: पं. अनिल शर्मा
वृक्षारोपण में न करें एलएस टोनियां एवं सफेदा नामक वृक्षों का प्रयोग
मथुरा। गुरुवार को प्रदूषण को दृष्टिगत रखते हुए यमुना मिशन मार्ग पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में यमुना मिशन वॉलियन्टर के साथ वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के चलते यमुना मिशन ने यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यमुना मिशन के संस्थापक प्रदीप बंसल के दिशा निर्देशन में यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा ने कहा कि दिल्ली में आए दिन बढ़ता प्रदूषण समस्त ब्रजवासियों के लिए गहरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण एवं फॉग के चलते आए दिन समस्त स्कूल बंद कर दिए जाते हैं। वहां के नागरिकों को मास्क पहन कर निकलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, गाजियाबाद एवं आसपास के इलाकों में एलएस टोनियां एवं सफेदा नामक वृक्ष बहुतायात में पाया जाता है। दिल्ली में प्रदूषण बढने का एक कारण यह भी हो सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इन खतरनाक वृक्षों को नष्ट किया जाए या फिर उन्हें ऐसी जगह स्थापित करें जहां से इनका प्रभाव मानव जीवन पर न पड़ सके।
एलएस टोनियां एवं सफेदा नामक वृक्ष मथुरा जनपद में भी देखने को मिल जाते हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि इन एलएस टोनियां एवं सफेदा नामक वृक्षों की खोज कर उन्हें जनपद से हटाया जाए। एलएस टोनियां नामक वृक्ष पर एक चिडिया भी नहीं बैठती और न ही गाय इसकी छांव में विश्राम करती है। एलएस टोनियां नामक वृक्ष श्वांस के लिए हानिकारक है। इससे दमा जैसी बीमारियों का जन्म होता है। प्रत्येक ब्रजवासी प्रतिदिन एक दिन में कम से कम 50 वृक्ष जरूर लगायें। तभी इस प्रदूषण से निजात मिल सकती है। मास्क लगाने से अच्छा है कि प्रतिदिन वृक्ष जरूर लगाएं।
यमुना मिशन के मुकेश ठाकुर ने कहा कि यमुना मिशन ने अनेकों बार स्वच्छता अभियान चलाया है। स्वच्छता अभियान में यमुना मिशन ने कई सैकड़ों ट्रेक्टर ट्रालियां कूड़ा-करकट का भी निस्तारण किया है। उन्होंने कहा कि जहां कही भी आपको कूड़ा-करकट का ढेर दिखाई दे तो हमें सूचित करें हम उस कूड़ा-करकट का निस्तारण करेंगे। प्रदूषण से बचाव के लिए हमें संगठित होकर कार्य करना होगा। नहीं तो वह दिन दूर नहीं जब हम सभी इस भयानक प्रदूषण की चपेट में होंगे।
ठा. मानपाल सिंह ने कहा कि प्रदूषण की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रदूषण का प्रभाव मानव के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिसके कारण कोई भी व्यक्ति पूर्ण रुप से स्वस्थ्य नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि एलएस टोनियां एवं सफेदा नामक वृक्षों को नष्ट किया जाए।
इस अवसर पर संयोजक पं.अनिल शर्मा, राजीव शर्मा, हरीमोहन सैनी, दाऊदयाल, अनिल फौजदार, देवेन्द्र शर्मा, हरीश शर्मा, मुकेश ठाकुर, देवेश चैधरी, मोनू पंडित, राजीव शर्मा, गोपाल लाल, मनीष सक्सैना, हरीमोहन, गोविन्दा ठाकुर, सतीश ठाकुर, गौरव, गोपाल लाल, गोपाल प्रजापति, लोकेश गोला, रीतेश शर्मा, मौनू सैनी, ठा.मानपाल सिंह, राजू, भीम आदि उपस्थित थे।













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