देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दर्जनों आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। आशा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जैंत पुलिस मौके पर पहुँच गई। आशा कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। आशा कार्यकर्ताओं का कहना था कि वह कोरोना संक्रमण के दौरान ग्रामीण क्षत्रों में अपनी ड्यूटी का निर्वहन ठीक प्रकार से कर रही हैं।
लेकिन जब वह अस्पताल में किसी प्रसूता को प्रसव के लिए लेकर आती हैं तो उनके साथ अस्पतालकर्मी ठीक व्यवहार नहीं करते हैं। वह उन्हें अस्पताल के अंदर तक नहीं घुसने देते हैं। वगैर सुविधा शुल्क के दिए उन्हें समय पर मानदेय भी नही मिलता है। गांव तरौली निवासी आशा गुड्डी देवी का कहना था कि उन्हें तीन माह से मानदेय नहीं मिला है जब वह मानदेय की बात करने अस्पताल आती है तो उसे कोई न कोई बहाना बनाकर टरका दिया जाता है।
आशा कार्यकर्ताओं ने बीसीपीएम अमित कुमार पर सुविधा शुल्क मांगे जाने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना था कि अमित कुमार बगैर सुविधा शुल्क लिए किसी का मानदेय जारी नहीं करवाता है। वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर मुनेंद्र सिंह से जब इस सम्बंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि एक एएनएम द्वारा इनके द्वारा किए गए कार्य की रिपोर्ट समय पर नहीं दी गई है।
एएनएम द्वारा बरती गई लापरवाही को ध्यान में रखते हुए उसके निलबंन की संतुति की गई है। आशा कार्यकर्ताओं के कार्यो की जांच कराकर जल्द ही इनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। कमलेश ,सन्तोषी, गुड्डी, आनंदी, कृष्णा, शशि, शकुंतला, मंजू, विजयवती आदि आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्साधिकारी से जांच कर समस्या का समाधान कराएं जाने की मांग की है।













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