देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreयात्रा 2019 : उत्तराखण्ड के बागेश्वर जिले का एक गाँव है कौसानी हिमालय की खूबसूरती के दर्शन कराता कौसानी पिंगनाथ चोटी पर बसा है...वैसे इसे भारत का मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है...यहाँ हम अप्रैल 2019 में शाम के 4 बजे तक पहुंचे.....हमारे साथी बिल्लू जी ने बताया की आज का पड़वा यही है...अनासक्ति आश्रम इसे गांधी आश्रम भी कहा जाता है. इस आश्रम का निर्माण महात्मा गांधी को श्रद्धांजली देने के उद्देश्य से किया गया था। कौसानी की सुंदरता और शांति ने गांधी जी को बहुत प्रभावित किया था। यहीं पर उन्होंने अनासक्ति योग नामक लेख लिखा था....खेर बात यहाँ से दूसरी शुरू होनी है अभी देखा गया की सहारनपुर से हिमालय देखा जा रहा है...कौसानी से केदारनाथ 112 किलोमीटर की दूरी है.... सहारनपुर से कौसानी 389 किलोमीटर है...ये बात इसलिए बताई की कौसानी से हमें सुबह सनराइज देखना था पर बताया गया की आजकल दूरबीन लगाके ही आप देख सकते हो.....इतनी धुंध थी की उसे हम इन्ही दिनों वहाँ से भी नहीं देख पाये.....इन दिनों में वहाँ के लोग भी जंगलों में आग लगा देते है जिनके धुएं से सब ढक जाता है...वहाँ रहने वाले स्थानीय निवासी लक्ष्मण ने बताया की सालों से यही होता आ रहा है.....अब टेलिस्कोप के जरिहे देख सकते है....बहुत से पर्यटक आगे नहीं जा पाते तो वो वही से लौट जाते है....जो लोग कौसानी से नहीं देख सकते थे आज सहारनपुर से हिमालय की चोटियों को बिना टेलिस्कोप के देख रहे है...खेर अब भी वक़्त है सुधारना हम सबको होगा क्योकि प्रकृति के साथ खिलवाड़ हम सब ने ही किया है.













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