देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। अनलाॅक फेज में मिली छूट का लाभ उठाकर दुकानदार और आमनागरिक कोरोना गाइडलान के तहत बताई गयीं सामान्य सावधनियां को भी दरकिनार कर रहे हैं। डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय ने होली गेट, डैंपियर नगर व भरतपुर गेट बाजारों का आकस्मिक भ्रमण किया।
बाजारों में भ्रमण कर अनिवार्य रूप से दुकानदार व ग्राहकों को मास्क अथवा फेस कवर पहनने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का अनिवार्य रूप से पालन किए जाने का अनुरोध किया गया। अब जो भी दुकानदार अथवा ग्राहक मास्क का अथवा फेस कवर पहने बिना मिलेगा, उसे जुर्माना व चालान दोनों से दंडित किया जाएगा।
पंजाबी पेच, डी0डी0 प्लाजा के निकट, जंक्शन रोड मथुरा पर भ्रमण के समय यादव मिष्ठान भंडार पर खुलेआम कचैड़ी व समोसा बिकते हुए पाए गए तथा दुकान पर 15-20 लोग आपस में सट कर खड़े होकर कचैड़ी व समोसा खा रहे थे। डिप्टी कलेक्टर उपाध्याय द्वारा बाग बहादुर चैकी इंचार्ज को बुलाकर यादव मिष्ठान भंडार के स्वामी नरेंद्र यादव के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करा दिया गया।
बाघ बहादुर चैकी इंचार्ज ने बताया कि इस दुकानदार पर लाॅक डाउन उल्लंघन के मामले में कचैडी व समोसा बेचने के कारण थाने में अभियोग पंजीकृत किया जा चुका है किंतु बार-बार लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन कर रहा है।
डिप्टी कलेक्टर उपाध्याय ने चैकी इंचार्ज को निर्देश दिए कि यदि अब भविष्य में यह लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करते पाये जाएं तो इसके विरुद्ध महामारी अधिनियम में अभियोग पंजीकृत करा दिया जाए। डिप्टी कलेक्टर उपाध्याय ने पुनः दुकानदारों से अपील की है कि वह लॉक डाउन में प्रतिबंधित कचैडी व समोसा की बिक्री कदापि न करें अन्यथा उन्हें नियमों के अंतर्गत दंडित होना पड़ेगा।
मथुरा में दो रोडवेज कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद मथुरा डिपो के सभी रोडवेज कर्मचारी अपनी ड्यूटी से मुकर रहे थे, जिससे कि रोडवेज बसों का परिचालन पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रहा था, जिससे सभी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय ने रोडवेज डिपो में कैंप लगाकर 60 रोडवेज कर्मचारियों की चालक व परिचालकों की रेंडम सेंपलिंग कराई गयी।
पूरे मामले की अधिक जानकारी देते हुए डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय ने बताया कि आज से कुछ दिन पूर्व दो रोडवेज कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद रोडवेज कर्मचारी अपने काम से मुकर रहे थे, जिससे रोडवेज बसों का परिचालन पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रहा था, इसी का संज्ञान लेते हुए आज रोडवेज वर्कशॉप में कैंप लगाकर 75 चालक परिचालकों की कोरोना जांच हेतु सैंपल लिए गए हैं और जो भी बचे हैं उन सभी के जिला अस्पताल में जांच करा दी जाएगी













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