देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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मथुरा। 10 साल पुराने डीजल वाहनों को सडक से हटाने जैसे आदेषों को तुगलकी फरमान बताते हुए भाकियू ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संसद में एक सत्र किसानोें के लिए रखे जाने, स्वामीनाथन आयोग कि षिफारिषों को लागू करने जैसी मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन की क्रांति जागरण पदयात्रा रविवार को हरिद्वार के चैधरी टिकैत घाट से दिल्ली के किसान घाट के लिए रवाना हो गई। पदयात्रा में बडी संख्या में मथुरा से भाकियू के नेतृत्व में किसान षामिल हो रहे हैं। पदयात्रा दो अक्टूबर को दिल्ली के किसान घाट पर पहुंचेगी। पदयात्रा में किसान 10 साल से पुराने ट्रैक्टरों को लेकर षामिल हो रहे हैं। इसे भाकियू की ओर से सरकार को इस आदेष के विरोध में चुनौती माना जा रहा है। किसान थैला में प्लेट, कटोरी, गिलास साथ लेकर चल रहे हैं। ढाई लाख से अधिक के बैनर पोस्टर लेकर मथुरा से कार्यकर्ता पहुंचे हैं। मथुरा से मंडल उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह गावर, मंडल उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह रघुवंष, ब्लाक अध्यक्ष मांट करुआ सिंह, जिला उपाध्यक्ष चेतन नौहवार, चुनमुन सिंह, ओमवीर सिंह, षीषपाल, गोवर्धन सिंह, हरप्रिसाद, रामू, ष्षीषपाल, सुरेषचंद, ओमवीर सिंह आदि किसान बडी संख्या में पदयात्रा में षामिल हैं।
यतेंद्र सिकरवार के नेतृत्व में आज रवाना होगा दूसरा जत्था
भाकियू प्रदेष महासचिव यतेन्द्र सिकरवार के नेतृत्व में किसानों का दूसरा जत्था सोमवार को यात्रा में षामिल होने के लिए रवाना होगा। यह जत्था मेरठ में किसान यात्रा के साथ जुड जाएगा। यतेंद्र सिकरवार ने बताया कि जैसे जैसे यात्रा आगे बढेगी कारवां बढता चला जाएगा।
केंद्र सरकार ने किसानों के साथ किये गये वायदों को पूरा नहीं किया। स्वामीनाथ आयोग की सिफारिषों को लागू कराने के लिए भाकियू सरकार पर दबाव बना रहा है। इस बार हमारा आंदोलन निर्णायक होगा। राकेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता भारतीय किसान यूनियन













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