देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए वैक्सीनेशन सेंटरों पर पहुंच रहे लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर नकारात्मक के साथ कुछ महत्वपूर्ण सुझाव और अनुभव भी साझा किये जा रहे हैं।
कोविड-19 के एक अथवा दोनों टीके लगवा चुके व्यक्ति से बेहत व्यवस्थाओं की समीक्षा कोई दूसरा शायद ही कर सके। कोविड-19 की दोनों टीके लगवा चुके सुनील शर्मा ने सोशल मीडिया पर सुझावा साझा किया है कि चारों ओर बंद पडे स्कूल कालेजों को वैक्सीनेशन सेंटर बनाया जाये।
जिला अस्पताल में भारी भींड हो रही है कोराना गाइड लाइन का पालन नहीं हो पा रहा है। इसमें हर्ज ही क्या है जो चिकित्सक प्राइवेट प्रेक्टिस करते हैं इस समय घर पर हैं उन्हें लोगों की सेवा के लिए लिया जाये जो केवल चार घन्टे सुबह के अपनी निगरानी में नर्सिंग स्टाफ से वेक्सीनेशन का काम करायेंगे।
सुनील शर्मा के मुताबिक वह जिला चिकित्सालय में कोरोना की दोनों डोज लगवा चुके हैं। वह बताते हैं कि गुरूवार को जैन चैरासी इन्टर कॉलेज के वेक्सीनेशन सेन्टर पर गये थे। भींड़ तो नहीं थी लेकिन वहां मौजूद स्टाफ का गर्मी के कारण बुरा हाल था जो बुजुर्ग वैक्सीन के लिए आ रहे थे बैठने तक की जगह नहीं थी। ऐसे में यह बन्द पडे विद्यालय किस काम आएंगे। जिन्होंने विधायक निधि व सांसद निधि का लाभ लेकर अपना हित साधा है।
आम जन के लिए इनका उपयोग अवश्य होना चाहिए। स्कूल काॅलेजों में वहां पर्याप्त स्थान, कमरे, पीने के लिए पानी, बैठने के लिए स्थान होगा। वैक्सीनेशन के बाद कुछ समय के लिए आब्जर्वेशन में भी रखा जा सकेगा।













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