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संघ के कार्यकर्ता भरवा रहे गुजारे भत्ते के फार्म, वंचित बस्ती में कार्यकर्ता लगा रहे कैंप

मथुरा। कोरोना से हुए लाकडाउन में को मानवता का लाकडाउन न बनाएं। इस समय बडी संख्या में लोगों को आप की मदद की जरूत है। इनमें कुछ आर्थिकरूप से बेहद कमजोर लोग हैं तो कुछ हालात के मारे हैं। भगवान मानव मात्र की परीक्षा ले रहा है। इस परीक्षा में मानवता को खरा उतरना है। प्रधानमंत्री ने भी अपील की है इस चुनौती को हमें अवसर में बदलना है और यह एक अवसर मानवता को जिंदा रखने का भी हो सकता है। तथा कथित समाजसेवी, धन्नासेठ और एनजीओ, तमाम संगठन अचानक जाने कहां नदारद हो गये हैं। ऐसे में कुछ लोग और कुछ संस्थाएं उदाहरण पेश कर रहे हैं।
आर्थिकरूप से धन्ना सेठ नहीं होने के बावजूद पवन चतुर्वेदी अपने उत्साह और अपने साथियों के सहयोग से लगातार लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं।  पवन चतुर्वेदी कभी लोगों को मास्क बांटते दिखते हैं तो कभी
पुलिसकर्मियों को चाय नास्त कराते हुए। उन्हें जैसे ही यह सूचना मिलती है कि कोई मजबूर भूखा है वह दौड पडते हैं। जरूरतमंद की मदद करने का जुनून सा सवार है उनके उपर, उन्होंने अपने साथियों को लेकर एक टीम बना रखी है, टीम का हर सदस्य उत्साह में रहता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रताप शाखा के कार्यकर्ता, भरतपुर गेट की कोली बस्ती में श्रमिक वर्ग के रजिस्ट्रेशन के लिए उनके फार्म भरवा रहे हैं। सक्षम कार्यकर्ता अपने प्रिंटर से निःशुल्क सभी श्रमिक वर्ग के नागरिकों के आधार कार्ड और राशन कार्ड की फोटो कॉपी निकाल रहे हैं, जिससे फार्म भरने में कोई परेशानी न हो। सेवा कार्य करने वालो में दीनदयाल नगर के सेवा प्रमुख नानक चंद स्वयंसेवको में शिवम, उमेश, मोनू, राजेंदर, आंसू, अमर आदि कार्यकर्ता रहे।
जयगुरूदेव आश्रम एनएच टू पर पडता है। यहां से बडी संख्या में लोग अपने घरों को पहुंचने के लिए पैदल ही गुजर रहे हैं। भूखे प्यासे लोग किसी तरह आने गांव पहुंचना चाहते हैं। किसी महिला के हाथों में बच्चा है और पैरों में छाले तो किसी के सिर पर जिम्मेदारियों को इतना बोझ कि वह किसी तरह अपने घर पहुंचना चाहता है। ऐसे में आश्रम की ओर से इन लोगों को लगातार पानी और भोजना के पैकेट वितरित किये जा रहे हैं।

 

नारद संवाद

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