देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreजिनेवा। अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को फिर मुक्की खानी पड़ी है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान आवश्यक समर्थन हासिल करने में कामयाब नहीं हाे पाया। सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर सदस्यों ने कश्मीर पर प्रस्ताव रखने के लिए पाकिस्तान का समर्थन करने से मना कर दिया।
आपको बताते जाए कि कश्मीर पर प्रस्ताव पेश करने की गुरुवार को आखिरी तारीख थी, लेकिन पाकिस्तान ऐसा नहीं कर पाया। प्रस्ताव पेश करने के लिए कम से कम 16 देशों के समर्थन की आवश्यता होती है। दुनिया के अलग-अलग देशों के सामने जाकर कश्मीर का रोना रोने वाला पाकिस्तान समर्थन जुटाने में पटकनी खानी पड़ी। जिनेवा में UNHRC का 42 वां सत्र चल रहा है। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान न्यूनतम समर्थन जुटाने में भी नाकाम रहा है।
किसी भी देश के प्रस्ताव पर कार्रवाई करने से पहले न्यूनतम समर्थन की आवश्यकता होती है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस्लामाबाद से जिनेवा के लिए रवाना होने से पहले कश्मीर पर प्रस्ताव का वादा किया था। UNHRC में इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) के 15 देश हैं। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वह इनका समर्थन जुटा लेगा। कश्मीर के मुद्दे पर एक संयुक्त बयान के प्रबंधन के बाद भी इस्लामाबाद वोट नहीं जुटा पाया।
पाकिस्तान ने इससे पहले 10 सितंबर को UNHRC को कश्मीर की स्थिति पर एक संयुक्त बयान सौंपा था। इसमें उसने 60 देशों के समर्थन की बात कही थी, लेकिन कौन से देश समर्थन कर रहे हैं, इसको वो नहीं बता पाया था। 47 सदस्यों वाले यूएनएचआरसी में पाकिस्तान के पास तीन विकल्प थे। प्रस्ताव, बहस या विशेष सत्र। प्रस्ताव तो अब इस विकल्प से बाहर ही हो गया है।
साभार-khaskhabar.com













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