देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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लंदन। भारतीय उच्च आयोग के बाहर शुक्रवार शाम भारत समर्थक और विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया। भारतीय गणतंत्र दिवस के मौके पर पाकिस्तानी मूल के लॉर्ड नजीर अहमद की अगुआई में एक गुट कश्मीर की आजादी और खालिस्तान की मांग कर रहा था। इसका विरोध करने कई भारतीय और ब्रिटिश ग्रुप्स भी पहुंच गए और नजीर के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
नजीर का विरोध करने पहुंचे भारतीय ग्रुप्स ने मोदी-मोदी और वंदेमातरम के नारे लगाए। इस दौरान दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर जमकर भड़ास निकाली। कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और काफी मशक्कत के बाद दोनों गुप्स को अलग-अलग किया गया। लंदन में तैनात भारतीय उच्च आयुक्त ने इस प्रदर्शन को एक बदनाम नेता की बेसब्र कोशिश करार दिया।
नजीर का दावा है कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। भारत सरकार को लेकर उनके मन में खौफ है। लॉर्ड नजीर अहमद पीओके और कश्मीरी मुस्लिमों की वकालत करते रहे हैं। अहमद कट्टरपंथियों के समर्थक है। अहमद को यहूदी विरोधी विवाद की वजह से 2013 में लेबर पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था।
साभार-khaskhabar.com













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