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कोरोना से जंग में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ पारदर्शिता एक जरूरी हथियार

पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। सरकार अपनी पूरी क्षमता से इस जंग को लड़ रही है। ऐसे समय में जब देश के सीमित स्वास्थ्य संसाधनों पर असीमित भार पड़ रहा हो तब सरकारों के हाथ में बहुत कुछ नहीं रह जाता है, सिवाय उपलब्ध संसाधनों के उचित इस्तेमाल और निष्पक्ष आवंटन के। इस विकट उथल-पुथल में कुछ है, जो जनता को राहत, विश्वास और प्रेरणा दे रहा है तो वो है सरकार का पारदर्शिता पर जोर देना।
 
हर वह चीज जो इस समय लोग जानना चाहते हैं, जिसे जानकर प्रेरित हो सकते हैं, वह एक क्लिक पर उपलब्ध है। वैक्सीन कितनी हैं, मरीज कितने हैं, कितने लोगों की इस बीमारी से मृत्यु हुई आदि हर सूचना सार्वजनिक है। एक मजबूत लोकतंत्र की यही निशानी होती है और भारत इस कसौटी पर खरा उतरा है। पारदर्शी तंत्र एक विश्वसनीय वातावरण निर्माण का जरूरी अवयव है। जिससे न सिर्फ अफवाहों पर लगाम लगता है बल्कि लोगों में जवाबदेही की प्रेरणा भी भरता है। इसी का एक अंतर्निहित पहलू यह भी है कि सरकार और जनता एक दूसरे पर पूरा विश्वास करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, और इसके महत्व को बढा-चढ़ा कर नहीं जताया जा सकता है। 
 
सरकार पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए अनेक तरह के कदम उठा रही है। 'को-विन' पोर्टल भी ऐसा ही एक कदम है। 
 
को-विन पोर्टल : पारदर्शिता की ओर एक मजबूत कदम 
 
को-विन पोर्टल का होना बताता है कि सरकार खुद आगे आकार पारदर्शिता का पालन कर रही है। आपको इस पोर्टल पर कोविड से संबंधित हर तरह की जानकारी मिलेगी। 
 
कितने टीकाकरण केंद्र है?
 
जैसे ही आप एप के डैशबोर्ड पर जाएंगे आपकी नजर के सामने सबसे पहली जानकारी टीकाकरण केंद्रों के बारे में ही होगी। फिलहाल देश में 65 हजार से अधिक टीकाकरण केंद्रों पर टीकाकरण चल रहा है, जिसमें 59 हजार से अधिक सरकारी केंद्र हैं और 6 हजार अधिक प्राइवेट केंद्र हैं। 
 
आपको एक पेज पर सारी जानकारी मिलेगी, दुनिया में शायद ही कहीं ऐसा हो। इस पोर्टल के माध्यम से ही आप जान पाएंगे अब तक कुल कितने लोगों ने वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। ये भी जान सकते हैं कि सिर्फ आज कितने लोगों ने ऐसा किया है। कितने लोगों ने पहला डोज लिया है, कितने लोगों ने दूसरा डोज, सब जानकारी मौजूद है। 
 
राज्यों के बारे में भी है हर जानकारी
 
इस पोर्टल पर आप जान पाएंगे की किसी राज्य ने कुल और एक दिन में कितने लोगों का टीकाकरण किया है। किस कंपनी की कितनी वैक्सीन इस्तेमाल की गई हैं, कितने पुरुषों और महिलाओं को अब तक वैक्सीन लग चुकी, आपको हर छोटी बड़ी जानकारी मिलेगी। अगर किसी दिन कम टीकाकरण हुआ है तो वह भी स्पष्ट रूप से दर्ज है। 
 
हर दिन 12 बजे जारी होते हैं आंकड़े 
 
सरकार द्वारा हर दिन के आंकडें प्रेस विज्ञप्ति के साथ साथ सोशल मीडिया पर दिन के 12 बजे जारी किए जाते हैं। पिछले 24 घंटे में सरकार के द्वारा लिया गया हर छोटा बड़ा फैसला जनता के सामने रखा जाता है। जैसे इस समय ऑक्सीजन और जरूरी दवा को लेकर सरकार को तुरंत कई फैसले लेने पड़ रहे हैं। हर फैसले को लोगों तक पहुंचाना सरकार का दायित्व है, जिसे सरकार बखूबी निभा रही है।  
  
हर शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय करता है प्रेस कॉन्फ्रेंस
 
पिछले एक सप्ताह से सरकार कोरोना महामारी से किस तरह लड़ रही है, सरकार ने अपनी रणनीति में क्या बदलाव किया है, हर शुक्रवार को सरकार मीडिया के सामने प्रस्तुत करती है। पूरी पारदर्शिता के साथ सरकार इस महामारी को हराने में लगी है। सरकार यह भी बताती रही है कि उसने कितने देशों की वैक्सीन पहुंचा कर मदद की है। अभी हाल ही में सरकार ने बाहरी वैक्सीन को भारत में आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दी है। जनता के सामने सब कुछ खुल कर रखा जा रहा है। 
 
सामूहिक जिम्मेदारी ही है विकल्प
 
जिस तरह कोरोना वायरस की दूसरी लहर कहर ढाह रही है , उससे न सिर्फ कोई व्यक्ति लड़ सकता है, न कोई संगठन और न ही सिर्फ सरकार जीत सकती है। यह लड़ाई सबको मिलकर लड़नी होगी तभी जीत संभव है। जिस तरह से केंद्र सरकार पारदर्शिता के साथ महामारी से लड़ाई में देश का नेतृत्व कर रही है ,वह न सिर्फ काबिले-तारीफ है बल्कि प्रेरणादायी भी है और इसी वजह से लोग समझ रहे है कि देश को सबकी मेहनत की जरूरत है। लोग अपने स्तर मदद कर रहे हैं, सरकार अपने स्तर पर लगातार युद्धरत है। सामूहिक प्रयास से ही इस महामारी को हराया जा सकता है। 
 
 कमी को सुधारना मकसद
 
सरकार द्वारा किसी कमी को भी छुपाया नहीं जा रहा है, बल्कि उसे सुधार कर सबक लिया जा रहा है। कमियां छुपाना इस समय समाधान नहीं, बल्कि समस्या साबित हो सकता है- इस तथ्य को पूरी तरह स्वीकार करना ही होगा। पारदर्शिता जिम्मेदारी तय करती है और एक जिम्मेदार तंत्र ही ऐसी आपदा से जीत सकता है। जिस पारदर्शिता से भारतीय तंत्र इस महामारी से लड़ रहा है, वह संभवत दुनिया में एकमात्र

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