देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। राजकीय बाल गृह शिशु में मंगलवार को बच्चों में डायरिया फैलने का सिलसिला शुरू हुआ था। इसकी चपेट में आए बच्चों की हालात में सुधार नहीं आ पा रहा है। उपचार के बाद भी बीमारी नियंत्रण नहीं हो पा रही है। इलाज के दौरान दो बच्चों की मौत के बाद शिशु सदन सुर्खियों में आया था। इसके बाद षुक्रवार को चार और बच्चों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जबकि आगरा और मथुरा में पहले से ही 12 बच्चों का इलाज चल रहा था। षनिवार को तीन बच्चों को हालत गंभीर होने पर मथुरा से आगरा रेपफर कर दिया गया। जबकि आगरा में उपचाराधीन दो बच्चों की पहले से ही हालत खराब चल रही है।
मथुरा के राजकीय बाल गृह शिशु में बीमार हुए बच्चों की हालत में सुधार नहीं हो पा रहा है। पहले से ही दो बच्चों की हालत आगरा में नाजुक बनी हुई थी। शनिवार को तीन और बच्चे भी चिंताजनक स्थिति में पहुंच गए। तीनों को आगरा रेफर किया गया है। 14 बच्चों का मथुरा और आगरा के अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
बच्चों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। अभी तक यह बीमारी उन बच्चों में फैल रही थी, जो दूध पीने वाले थे, लेकिन अब बड़े बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में भर्ती दस वर्षीय पिंकी, खुशबू और सात साल की पूर्वा को रेफर किया गया है। तीनों की हालात नाजुक है। प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। बाल गृह शिशु में रहन सहन की व्यवस्था ठीक नहीं है और यहां के हालात नहीं बदले जा रहे हैं। यहां तक यहां सामान्य बच्चों अब इस बीमारी की चपेट में नहीं आए। इसको लेकर भी कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।













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