देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोरोना से लडाई को कमजोर करने में सरकारी विभाग भी पीछे नहीं हैं। यहां तक कि अपने अधिकारियों की बात मानने के लिए भी कर्मचारी तैयार नहीं हैं। सरकारी होने का दंभ ऐसा कि किसी कार्यवाही का डर भी जाता रहा।
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डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय मंगलवार को एक बार फिर सुबह के समय पुराना रोडवेज बस स्टैंड, नया रोडवेज बस स्टैंड का आकस्मिक करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्हें वही हालात मिले जो पिछले निरीक्षण मिले थे।
हालांकि दोनों निरीक्षणों के दौरान उन्होंने वह सब किया जो जरूरी था। रोडवेज बस स्टैण्ड पर कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन नहीं हो रहा है। इसके लिए उन्होंने रोडवेज के अधिकारियों को पत्र भी लिया।
इसके बाद एक बार फिर निरीक्षण कर ने पहुंचे तो वहां के हालात देख कर चैंक गये। इस बार भी हालत जस के तस थे। डिप्टी कलक्टर राजवी उपाध्याय ने बातया कि गन्तव्य को जाने के लिए तैयार रोडवेज बसों पर भी ड्राइवर व कंडक्टर मुख्य सचिव के शासनादेश के बावजूद ग्लब्स नहीं पहन रहे हैं।
पुराना रोडवेज बस स्टैंड पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था होने के बावजूद परिचालक द्वारा बरेली जाने वाली बस पर बिना थर्मल स्क्रीनिंग के ही सेनीटाइज कराने के उपरांत सवारियों को बैठाया जा रहा था, जो कि वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए कदापि उचित नहीं है।
नया रोडवेज बस स्टैंड पर चालक सत्यदेव व पुराने रोडवेज बस स्टैंड पर संविदाकर्मी चालक मुनीश व संविदाकर्मी परिचालक राजेंद्र कुमार बिना मास्क और फेस कवर लगाए हुए मिले।
रोडवेज स्टेशन प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि ड्राइवर एवं कंडक्टर अनिवार्य रूप से ग्लब्स व मास्क पहनें तथा सभी सवारियों की रोडवेज बस स्टैंड पर थर्मल स्क्रीनिंग व हाथों को सैनिटाइज कराने के उपरांत ही बस में बैठाया जाए। जिससे कोरोना के संक्रमण के खतरे को रोका जा सके।
पत्राचार हो रहा है, कार्यवाही नहीं
19 जून को डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी नियंत्रण कक्ष कोविड-19 ने कार्यलय सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर प्रदेश राज्य सडक परिवहन निगम मथुरा को पत्र लिखा जिसमें रोडवेज बसों और बस स्टैण्डों पर चालक परिचालक मास्क लगाये नहीं मिलते हैं।
स्क्रीनिंग की सुविधा होने के बाद भी यात्रियों की स्क्रीनिंग नहीं की जा रही है। इसके बाद 20 जून को सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक वीके शुक्ला की ओर से समस्त बस स्टेशन प्रभारियों को पत्र लिख कर डिप्टी कलक्टर की ओर से जताई गई नाराजगी का हवाला देते हुए नियमों का पालन करने के निर्देश दिये। अभी तक अधिकारी पत्राचार तक ही सीमित हैं। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही होना बाकी है।
बाजार बंदी के लिए खुली मिली दुकानें, नोटिस थमाये
डिप्टी कलेक्टर उपाध्याय ने अपरान्ह में औरंगाबाद बाजार का निरीक्षण करते हुए पाया कि बाजार बंदी का दिन होने के बावजूद आगरा फर्नीचर, मलिक स्टील व अंकुर सीमेंट व सरिया विक्रेता की दुकानें खुली पाई गईं। डिप्टी कलक्टर के निरीक्षण के समय श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्याम सुंदर ने खुले मिले प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए।
डिप्टी कलेक्टर उपाध्याय व श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने व्यापारियों से अपील की है कि मिठाई व दवा विक्रेताओं को छोड़कर अन्य दुकानदार बाजार बंदी के दिन मंगलवार को अपने प्रतिष्ठान न खोलें ताकि उन्हें अनावश्यक जटिलता का सामना न करना पड़े।













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