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15 साल के संघर्ष के बाद बनी सडक, एक महीने में उखडी

मथुरा। 15 साल जिस सकड के लिए संघर्ष किया वह एक महीने भी नहीं चल सकी। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन ने मथुरा के औद्योगिक क्षेत्र में बनाई गई सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है। संगठन से इस मामले में विजिलेंस जांच की मांग की है। हालांकि नगर निगम की ओर से सड़क निर्माण की शिकायत मिलने पर जांच करा ली गई है।

संगठन इससे संतुष्ट नहीं है, शुक्रवार को संगठन का प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मिला और जांच की नए सिरे से मांग की गई है। लंबे संघर्ष के बाद 15 वर्षों बाद सड़क का निर्माण हो सका। मथुरा औद्योगिक क्षेत्र में चार सीसी रोड जो नगर निगम द्वारा बनाई जा रही है उनकी गुणवत्ता खराब है।

औद्योगिक क्षेत्र साइट ए से पहले जो दो सड़क नगर निगम ने बनाई हैं वह मानिक चौक के समीप नगर निगम द्वारा बनाई गई सड़क और दूसरी अनाज मंडी रोड गोविंद खेड़ा पर नवनिर्मित सड़क है एक बरसात न झेल सकें और टूट र्गइं। भाजपा नेता संजीव अग्रवाल ने बताया कि सड़क की क्वालिटी इतनी घटिया रही है कि सडक एक महीने में ही उखड़ने लगी है।

से प्रयोग की गई है जिसके लिए साठ लाख रुपए का उपयोग होना चाहिए वहां पर पंद्रह लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इसमें कहीं न कहीं ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत दिखाई दे रही है। इस विषय पर आज हम लोग जिलाधिकारी से मिले हैं उन्होने आश्वासन दिया है कि जल्द ही कड़ी कार्यवाही की जाएगी। देवेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि उद्योग नगर में नगर निगम के द्वारा जो रोड बनाई जा रही है उसमें ठेकेदार द्वारा गलत मेटेरियल लगाया जा रहा है। जिसकी जांच नगर आयुक्त द्वारा कराई गई।

जिलाधिकारी इसमें दखल दें गुणवत्ता से कार्य करें और हम लोग विजिलेंस जांच की मांग करते हैं। रोड में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। एक महीने में रोड उखड़ गई है।

नारद संवाद

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