देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। विधायक पूरन प्रकाश द्वारा विधायक निधि से कोरोना से लडने के लिए दस लाख रूपये दिये गये थे। विधायक ने निधि के दस लाख रूपये क्या सामान खरीदा गया और उसका कहां वितरण किया गया इस का हिसाब किताब जिला प्रशासन से मांगा था।
विधायक का आरोप था कि उसकी निधि से दिये गये दस लाख रूपये से खरीदे गये सामान का वितरण उसके क्षेत्र में नहीं किया गया है। विधायक ने इसकी जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। विधायक पूरन प्रकाश डीएम से भी व्यक्तिागतरूप से मिले थे। इसके बाद जांच ठंडे बस्ते में चली गई। अब प्रदेश में कई स्थानों पर कोविड-19 की सामग्री खरीदे जाने में मिली लापरवाही और भ्रष्टाचार के शुरूआती सबूतों के बाद प्रदेेश भर में हंगामा मचा है। इसके बाद मथुरा में पेंडिंग पडे इस मामले में जांच तेज कर दी गई है।
जांच अधिकारी ने सीएमओ कार्यालय से जांच में शामिल कागज मांगे हैं। जनप्रतिनिधियों द्वारा दी गई धनराशि से सामान खरीदा गया था। सीडीओ भी इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं। कोरोना की शुरूआत में बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग को अपनी-अपनी निधि से सामान खरीद के लिए धनराशि दी थी। एक विधायक की शिकायत पर सीडीओ ने इसकी जांच शुरू करवाई। स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने भी अपर निदेशक से इसकी रिपोर्ट मांगी है। अपर निदेशक के निर्देश पर इसकी जांच जेडी डा.रवीन्द्र गुप्ता कर रहे हैं। जांच अधिकारी ने सीएमओ कार्यालय से जांच में शामिल कुछ कागज मांगे हैं जोकि अभी भेजे नही गए बताए.













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