देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। कोरोनाकाॅल में नदियों शवों के मिलने से सरकार को शर्मिंदगी उठानी पडी है। नदियांे के किनारे बसे शहारों मंे उच्च स्तरीय समिति गठित की गई हैं। समिति जल समाधि देने से लोगों को रोकेंगी। मथुरा में मेयर डा. मुकेश आर्यबंधु के नेतृत्व में समिति का गठन किया गया है। समिति में नगर आयुक्त सचिव होंगे। 12 पार्षदों को भी समिति का हिस्सा बनाया गया है। सोमवार से समिति ने काम करना शुरू कर दिया है।
नगर आयुक्त अनुनय झा ने कहाकि यदि किसी व्यक्ति की कोरोना संक्रमण से मौत होती है और उसका परिवार दाह संस्कार में सक्षम नहीं है तो निगम द्वारा उसके परिवार को अधिकतम पांच हजार रूपये की सहायत अंतेष्टि प्रक्रिया के लिए दी जा रही है। समिति द्वारा यमुना नदी के किनारे वाले क्षेत्रों और शवदाह गृहों का समय समय पर निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा यमुनापार शवदाह गृह पर लकडी के लिए स्टोर का निर्माण कराया गया है।
ध्रुव घाटों पर नवीन रैंपों का निर्माण कराया जा रहा है। समिति मं मेयर डा. मुकेश आर्यबंधु अध्यक्ष, नगर आयुक्त संजय झा संयोजक, राधाकृष्ण पाठक उपाध्यक्ष कार्यकारिणी समिति, अपन नगर आयुक्त सतेन्द्र तिवारी, सहायक अभियंत अनिल रंजन समित सदस्य होंगे। इनके अलावा समिति में 12 पार्षद रामदास चतुर्वेदी, हेमंत अग्रवाल, कुलदीप सिंह, मुन्ना निषाद, रसिक बल्लभ, तिलकवीर सिंह, रवि यादव, आकाश महावर, राजीवर सिंह, तुलसीराम को भी शामिल किया गया है। कमेटी समय समय पर यमुना किनारे बने शवदाहगृहों का भी निरीक्षण करेगी। समिति ने सोमवार से अपना काम शुरू कर दिया। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि यमुना किनारे शवों को दफनाया तो नहीं जा रहा है। जल समाधि देने वालों को भी रोका जाएगा। बैठक में सेनेटाइजेशन, फागिंग, चूना छिडकाव, शवों के दहासंस्कार, साफ सफाई सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।













Related Items
एनसीआर क्षेत्र में प्रतिबंधित ऑटो रिक्शा एवं अन्य डीजल वाहनों पर होगी नियमानुसार कार्रवाई - मुख्य सचिव सुधांश पंत
52 के हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, सीएम योगी और मायावती ने दी जन्मदिन की बधाई
शिवसेना हिंदू सिख विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष के घर पर पेट्रोल बम से हमला, CCTV में कैद हुए आरोपी